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Vande Bharat: दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल को PM Modi का तोहफा, एक-दो नहीं तीन वंदे भारत की सौगात

Vande Bharat News: पश्चिम बंगाल की जिन तीन नई वंदे भारत का प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले हैं, उनमें से दो ट्रेनों पूर्व रेलवे जोन की हैं। जबकि हावड़ा- राउरकेला वंदे भारत दक्षिण पूर्व रेलवे जोन की ट्रेन है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 15 सितंबर को तीनों नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे

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पश्चिम बंगाल को मिलेंगी तीन नई वंदे भारत।

Photo : iStock

Vande Bharat News: दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़ा तोहफा देने वाले हैं। राज्य को जल्द ही तीन नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिलने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 15 सितंबर को तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन हावड़ा से भागलपुर, हावड़ा राउरकेला और हावड़ा से गया के लिए चलेंगी।

जानकारी के मुताबिक, रेलवे की तरफ से तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के उद्घाटन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 15 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी पटना या टाटानगर स्टेशन से ट्रनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं।

छह घंटे में पूरा होगा सफर

पश्चिम बंगाल की जिन तीन नई वंदे भारत का प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले हैं, उनमें से दो ट्रेनों पूर्व रेलवे जोन की हैं। जबकि हावड़ा- राउरकेला वंदे भारत दक्षिण पूर्व रेलवे जोन की ट्रेन है। तीनों ट्रेनों के कर्मशियल रन की अभी घोषणा नहीं की है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये ट्रेनें यात्रियों के लिए जल्द ही शुरू हो जाएंगी, जिससे यात्रा समय भी काफी कम हो जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हावड़ा-भागलपुर वंदे भारत एक्सप्रेस छह घंटे और हावड़ा-गया वंदे भारत छह घंटे 20 मिनट में यात्रा पूरी करेगी।

ये होगी ट्रेनों की टाइमिंग

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 15 सितंबर को सुबह 11 बजे तीनों ट्रेनों को हावड़ा स्टेशन के लिए रवाना करेंगे। हावड़ा-गया वंदे भारत एक्सप्रेस 11 बजे गया से चलेगी और कोडरमा, पारसनाथ, धनबाद, खुंटा, आसनसोल, दुर्गापुर होते हुए शाम सात बजे हावड़ा स्टेशन पहुंचेगी। वहीं, भागलपुर-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 11 बजे भागलपुर स्टेशन से चलेगी और बड़ाहॉट, मंडल हील, हंसडील, नोनीहाट, दुमका, रामपुराहाट, बालेपुर होते हुए आठ बजे हावड़ा स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह राउरकेला से रवाना होने वाली वंदे भारत चंक्रधरपुर, टाटानगर में रुकेगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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