west bengal maniktala assembly by election: देश भर के अलग-अलग राज्यों की तेरह विधानसभा सीटों पर 10 जुलाई को उपचुनाव होना है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मानिकतला, रायगंज, राणाघाट दक्षिण और बगदाह चार सीटें शामिल हैं, जिसमें से मानिकतला सीट पर उपचुनाव (maniktala assembly by election) काफी खास माना जा रहा है।
गौर हो कि साल 2022 को टीएमसी नेता साधन पांडे के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी पर इस सीट पर अभी तक उपचुनाव नहीं हुए थे इसकी वजह भाजपा उम्मीदवार कल्याण चौबे द्धारा 2021 के विधानसभा चुनाव में मतदान में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए याचिका दायर करना था।
पर बाद में कल्याण चौबे ने ये याचिका वापस ले ली थी, भाजपा ने कल्याण चौबे को मैदान में उतारा है वहीं टीएमसी ने साधन पांडे की पत्नी सुप्ती पांडे को उम्मीदवार बनाया है।
मानिकतला में माना जा रहा है दिलचस्प मुकाबला
मानिकतला में दिलचस्प त्रिकोणीय उपचुनाव होने वाला है मानिकतला से तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहे साधन पांडे के निधन के बाद वहां उपचुनाव कराए जा रहा है, टीएमसी दिवंगत विधायक साधन पांडे की लोकप्रियता के सहारे यह सीट जीतना चाहती है इसलिए इस सीट पर उपचुनाव में उनकी विधवा सुप्ती पांडे को मैदान में उतारा है वहीं भाजपा ने कल्याण चौबे को फिर से उम्मीदवार बनाया है जो 2021 में साधन पांडे से चुनाव में हार गए थे।
...जिससे सीट पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया
मानिकतला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र नंबर 24 कोलकाता उत्तर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) का हिस्सा है। 2009 के भारतीय आम चुनाव से पहले यह कलकत्ता उत्तर पूर्व (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) का हिस्सा था। 20 फरवरी 2022 को मौजूदा विधायक साधन पांडे की मृत्यु के कारण यह सीट खाली हो गई। हालांकि, पांडे की मृत्यु के 6 महीने बाद भी (भारतीय कानून के अनुसार) सीट पर उपचुनाव नहीं हो सके क्योंकि भाजपा उम्मीदवार कल्याण चौबे ने मतदान में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक चुनाव याचिका दायर की और मतों की पुनर्गणना की मांग की। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 उस सीट पर तब तक कोई चुनाव कराने से मना करता है जब तक कि उस सीट से संबंधित किसी भी चुनाव याचिका का न्यायालय में समाधान नहीं हो जाता। 29 अप्रैल 2024 को, चौबे ने न्यायालय से अपनी चुनाव याचिका वापस ले ली, जिससे सीट पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया।
