Giriraj Singh : बांग्लादेशी घुसपैठ पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। सिंह ने कहा कि 'ममता बनर्जी बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए रेड कार्पेट बिछाती हैं और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी इस पर राजनीति करते हैं, यह हास्यास्पद है।' भाजपा नेता ने कहा कि देश भर में जहां भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा रहे हैं उनका पता पश्चिम बंगाल का निकल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए ममता बनर्जी अपने यहां रोहिंग्या मुसलमानों एवं अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को प्रश्रय दे रही हैं। सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार हो रहा है। इस जुल्म को दुनिया देख रही है और इसका रास्ता निकलेगा।
दरअसल, बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा पर भारत सरकार कई बार अपनी प्रतिक्रिया जारी कर चुकी है। गत दिसंबर में विदेश सचिव भी ढाका गए थे। इन कूटनीतिक प्रयासों को अपर्याप्त बताते हुए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के नेताओं को अपने केंद्रीय नेतृत्व से पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के बारे में और अधिक मुखर होने के लिए कहना चाहिए। उन्होंने केंद्र में भाजपा नीत सरकार पर बांग्लादेश की घटनाओं पर ‘अपेक्षाकृत चुप रहने’ का भी आरोप लगाया।
डायमंड हार्बर से सांसद हैं अभिषेक
डायमंड हार्बर के सांसद ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘हर मामले में तृणमूल कांग्रेस सरकार को दोष देने वाले और प्रदर्शन करने वाले प्रदेश भाजपा के नेता बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य समुदायों पर जारी अत्याचार के बारे में कूटनीतिक मोर्चे पर नरेन्द्र मोदी सरकार के अपर्याप्त जवाब के बारे में बात नहीं कर रहे हैं।’उन्होंने दोहराया कि तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार बांग्लादेश की स्थिति पर केंद्र के फैसले और प्रतिक्रिया को मानेगी। उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले कुछ अवसरों पर पराक्रम और वीरता के बारे में कई लंबी बातें सुनी हैं, लेकिन भाजपा सरकार बांग्लादेश में होने वाली घटनाओं के बारे में अपेक्षाकृत चुप है।’
'दिल्ली में अपनी सरकार से क्यों नहीं कहते?'
तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा, ‘अगर भाजपा नेता यहां पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के बारे में इतने सचेत हैं, तो वे दिल्ली में अपनी सरकार को उचित तरीके से जवाब देने के लिए क्यों नहीं कहते। उन्हें केंद्रीय नेतृत्व से बांग्लादेश की स्थिति के बारे में अधिक मुखर होने के लिए कहना चाहिए।’ बनर्जी ने राज्य में लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने तथा उन लोगों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जो बांग्लादेश की स्थिति का हवाला देकर हिंसा में शामिल होने और कानून-व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
