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'हम Microsoft के संपर्क में...' ग्लोबल आउटेज के बीच बोले केंद्रीय IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव

Microsoft Outage: भारत में विस्तारा, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बुकिंग, चेक-इन और फ्लाइट अपडेट प्रभावित हैं। एयरलाइनों ने कहा कि सर्वस में दिक्कत के कारण वे अब ऑफलाइन मोड में काम कर रहे हैं। कई देशों में या तो उड़ाने रद्द कर दी गई हैं या फिर देरी से चल रही हैं।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव।

Photo : ANI

Microsoft Outage: माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में आई खराबी के कारण पूरी दुनिया प्रभावित है। ऑनलाइन सेवाएं ठप हो गई हैं। लैपटाप खुद-ब-खुद बंद हो रहे हैं। बैंक, एयरलाइंस, शेयर बाजार हर जगह क्राउड स्ट्राइक का असर दिखाई दे रहा है। इस बीच केंद्रीय आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा है कि भारत सरकार वैश्चिक आउटेज को हल करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के संपर्क में है। उन्होंने कहा, इस आउटेज का कारण पहचान लिया गया है और समस्या को हल करने के लिए अपडेट जारी कर दिए गए हैं।

बता दें, दुनिया के साथ-साथ आउटेज के कारण भारत में भी एयलाइंस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। भारत में विस्तारा, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बुकिंग, चेक-इन और फ्लाइट अपडेट प्रभावित हैं। एयरलाइनों ने कहा कि सर्वस में दिक्कत के कारण वे अब पैसेंजर्स को मैनुअली चेकिंग कर रहे हैं।

NIC नेटवर्क सुरक्षित

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ग्लोबर आउटेज से एनआईसी नेटवर्क सुरक्षित है और यह प्रभावित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि सीईआरटी (CERT) इस संबंध में टेक्निकल एडवाइजरी जारी कर रहा है।

इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित

माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में आई खराबी के कारण ऑनलाइन लॉकडाउन लग गया है। कई देशों में इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। यूएस पुलिस ने कहा है कि उनकी 911 सेवा ने काम करना बंद कर दिया है। इसके अलावा मीडिया सेक्टर, कॉल सेंटर, बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कई देशों में इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है।

माइक्रोसॉफ्ट की सर्विसेस पड़ीं ठप

क्राउड स्ट्राइक के कारण माइक्रोसॉफ्ट की लगभग सभी प्रमुख सर्विस ठप हो गईं हैं। जानकारी के मुताबिक, यूजर्स को माइक्रोसॉफ्ट 360, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट टीम, माइक्रोसॉफ्ट Azure, माइक्रोसॉफ्ट स्टोर और माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड-पावर्ड सर्विस में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। माइक्रोसॉफ्ट 365 में खराबी की 900 से ज्यादा रिपोर्ट हैं। 74 प्रतिशत यूजर्स को माइक्रोसॉफ्ट स्टोर में लॉगिन करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं 36% यूजर्स को ऐप में दिक्कत आ रही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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