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वायनाड में युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, खोजी कुत्ते भी कर रहे मदद; राज्य को मुहैया कराई गई रकम

Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में अत्यधिक बारिश और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है। अबतक 144 लोगों की मौत हो चुकी हैं और मृतकों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है, क्योंकि 191 लोग अभी भी लापता हैं। बता दें कि 1,200 कर्मी राहत और बचाव अभियान में 24 घंटे कार्य कर रहे हैं।

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वायनाड भूस्खलन

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • वायनाड में अबतक 144 लोगों की हुई मौत।
  • 1,200 कर्मी राहत और बचाव अभियान में जुटे।
  • खोजी अभियान में डॉग स्काव्ड की भी ली जा रही मदद।

Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में अत्यधिक बारिश और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है। कई स्थानों पर बाकी जगहों से संपर्क टूट गया है। ऐसे में तीन वेली पुलों के निर्माण के लिए आर्मी की मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप के कालम तैनात किए गए हैं।

राहत एवं बचाव अभियान जारी

इसके अलावा एनडीआरएफ की चार टीम, आर्मी के चार कालम, नेवी की एक टीम, तटरक्षक बलों की तीन यूनिट, अग्निशमन सेवाओं, राज्य पुलिस स्थानीय इमरजेंसी रिस्पांस टीम समेत लगभग 1,200 कर्मी राहत और बचाव अभियान में 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार को 145 करोड़ की राशि भी प्रदान कराई गई है। यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा के समक्ष रखी।

डॉग स्क्वाड भी खोजी अभियान में जुटे

उन्होंने सदन में बताया कि बचाव और खोज कार्य में सेना के डॉग स्क्वाड को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा आर्मी की डीसी सेंट्रल कन्नूर की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। त्रिवेंद्रम की 91 इन्फेंट्री ब्रिगेड की दो टुकड़ियों को रवाना कर दिया गया है। भारतीय आर्मी के दो हेलीकॉप्टर और नेवी का एक हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में विशेष रूप से लगे हैं। सेना की मेडिकल टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है और घायलों को चिकित्सा प्रदान कर रही है।

24 घंटे हो रही निगरानी

उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना के जहाज को क्षतिग्रस्त पुल के दूसरी ओर बचाव और भूमि मार्ग से आवाजाही प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त संसाधन भेजे जा रहे हैं। गृह मंत्रालय के दोनों नियंत्रण कक्ष 24 घंटे से निगरानी कर रहे हैं और राज्य को प्रत्येक संभव सहायता प्रदान की जा रही है। 31 जुलाई को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से 145 करोड़ की राशि राज्य सरकार को प्रदान कराई गई है।

नित्यानंद राय ने क्या कुछ कहा?

केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पहले सुपर साइक्लोन आया था, जिसमें 10 हजार लोगों की मौत हुई। आज हम जीरो मौत के स्तर पर पहुंच गए हैं। यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए किया जा रहा काम, तकनीक का उपयोग, आपदा प्रबंधन में दी जा रही राशि का प्रभाव है। भारत सरकार की विभिन्न संस्थाओं ने पेड़ लगाने का काम किया है। पैरामिलिट्री फोर्सेस ने भी रिकॉर्ड संख्या में पेड़ लगाने का काम किया है। भारत का आपदा प्रबंधन ऐसा है, जिस पर देश के साथ-साथ विदेशों को भी भरोसा है। कई देशों के आपदा के समय चाहे वह भूकंप हो या अन्य आपदा हो, उस समय भी भारत बढ़-चढ़कर उनके सहयोग के लिए आगे गया है।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि केरल के वायनाड में भूस्खलन की घटना के तुरंत बाद ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने राज्य सरकार से संपर्क किया और केंद्र जितनी सहायता कर सकता है, वह सभी सहायता की जा रही है। नवीनतम जानकारी के मुताबिक राहत कर्मियों द्वारा मलबे से 133 शव निकाले जा चुके हैं। मृत्यु की यह संख्या बढ़ सकती है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। वह मुख्यमंत्री से संपर्क कर लगातार जानकारी दे रहे हैं। प्रधानमंत्री भी उनसे अपडेट ले रहे हैं। घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, एयर फोर्स, आर्मी, तटरक्षक बल और नेवी की टीमें खोज और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

(इनपुट: आईएएनएस)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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