हरियाणा के करनाल में एक दृष्टिबाधित मनोरोगी लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किये जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।उसने बताया कि इसका खुलासा तब हुआ जब जिला बाल कल्याण समिति द्वारा कराये गये शारीरिक परीक्षण में लड़की छह महीने की गर्भवती पायी गयी। यह मामला रविवार को सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष उमेश कुमार के संज्ञान में आया, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और इसे 'जघन्य अपराध' बताया।
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष उमेश कुमार से यह यह पूछा गया कि लड़की के परिवार ने पहले पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया, तब उन्होंने कहा कि वे एक गरीब परिवार से हैं और पीड़िता की मां ने उन्हें बताया कि वे डरे हुए थे।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपराधियों ने भी धमकाया था।उन्होंने कहा, 'मैं रविवार को कहीं जा रहा था, और मैंने एक लड़की को मिट्टी खाते हुए देखा।' कुमार ने कहा कि उन्होंने उसके मुंह से झाग निकलते देखा और उसे देखने के लिए गाड़ी रोक दी।उन्होंने पाया कि वह दृष्टिबाधित और मनोरोगी थी।
'बेटी के साथ कुछ लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया है'
कुमार ने कहा, 'जब मुझे लगा कि वह गर्भवती हो सकती है, तो मैंने उसकी हालत के बारे में पूछा, तो उसकी मां बाहर आयी और उसने मुझे बताया कि उसकी बेटी के साथ कुछ लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया है और वह अब कुछ महीनों की गर्भवती है।' उन्होंने कहा, 'लड़की की मां ने कहा कि बलात्कार में तीन से ज़्यादा लोग शामिल थे और घटना के समय लड़की अपने घर पर अकेली थी।'
लड़की की मेडिकल जांच करवाई
कुमार ने कहा कि उन्होंने तुरंत एक परामर्शदाता को बुलाया और लड़की की मेडिकल जांच करवाई, जिसमें उसके गर्भवती होने का पता चला।
उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने करनाल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक मेडिकल बोर्ड गठित कर लड़की के स्वास्थ्य की जांच करने और एक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
