देश

Vijay Diwas: जब भारत ने किया था विश्व का सबसे बड़ा हेलीड्रॉप, देखकर हैरान रह गई थी दुनिया

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Dec 16, 2022, 11:35 AM IST

Vijay Diwas: 1971 में हुए भारत पाकिस्तान युद्ध में जितनी अहम भूमिका थल सेना की रही थी उतनी ही अहम भूमिका वायुसेना ने भी निभाई थी। वायुसेना ने ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम दिया जिसकी दुनिया ने भी कल्पना नहीं की थी।

Image

1971 के युद्ध के दौरान की एक तस्वीर

Vijay Diwas: 1971 में भारत और पाकिस्तान (Pakistan) ने एक निर्णायक लड़ाई लड़ी और इसका खामियाजा पाकिस्तान को ना केवल हार के रूप में भुगतना पड़ा बल्कि उसके दो टुकड़े भी हो गए और दुनिया के मानचित्र पर बांग्लादेश (Bangladesh) नाम के नए देश का उदय हुआ। इस युद्ध में भारत ने बड़ी जीत हासिल की और इस जीत को हासिल करने में देश की तीनों प्रमुख सेनाओं ने साथ दिया। यहां हम आपके लिए एक वीडियो लाए हैं जिसमें तत्कालीन एयर कोमोडोर राम मोहन श्रीधर बता रहे हैं कैसे उन्होंने 2 बड़े ऑपरेशंस को अंजाम दिया और दुनिया में पहली बार सबसे बड़ा हेलीड्रॉप (Heli Drop) भारत ने कर के दिखाया था. ये 2 मिशंस थे ऑपरेशन सिलहट और 'ऑपरेशन मेघना'।

तब के वायु सेना अफसर ने बताया कैसे शुरू हुआ था युद्ध

इस खास वीडियो में एयर कोमोडोर राम मोहन श्रीधर (रिटायर) ने बताया, 'दो साल में मेरा पूरा ट्रेनिंग दिन और रात इस मी 4 हेलीकॉप्टर, जो रशियन था उसमें लगा था। इस हेलीकॉप्टर में 15-20 ट्रूप्स को ले जा सकते हैं। ये रोल आर्मी का हमारे लिए था कि हम घायल लोगों को बैटल फील्ड से बाहर निकालें। सैनिक को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी हमारा रोल था। मार्च 1971 में काफी शरणार्थी ईस्ट पाकिस्तान जो असाम से जुड़ा हुआ है वहां से आ रहे थे और पीएम इंदिरा गांधी ने हमें युद्ध के लिए तैयार होने का आदेश दे रखा था। जनरल सगत सिंह जो 4 कोर कमांड के हेड थे, उन्होंने बताया कि हमारे पायलट्स को ट्रेंड्स किया गया है सैनिकों को लेने और ले जाने के लिए। हमारी यूनिट में 10 हेलीकॉप्टर और 20 पायलट थे और हम युद्ध से शुरू होने से पहले ही ट्रेंड हो गए थे हर रोल में। 3 दिसंबर 1971 में पीएम इंदिरा गांधी ने युद्ध की घोषणा की जब पाकिस्तान ने वेस्टर्न सेंटर में अटैक किया था।' वीडियो में एयर कोमोडोर राम मोहन श्रीधर ने कई और खुलासे किए हैं जिसे आप यहां देख सकते हैं-

13 दिन में हुआ था युद्धविराम

आपको बता दें कि 1971 में 16 दिसंबर को 93,000 सशस्त्र पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के 13वें दिन ठीक 4 बजकर 21 मिनट पर युद्धविराम पर हस्ताक्षर किए गए थे। जनरल नियाज़ी द्वारा हस्ताक्षरित आत्मसमर्पण की ऐतिहासिक तस्वीर और युद्धविराम समझौते को लेकर दिल्ली में एक फोटो प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है।

किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

RTI से खुलासा: दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के आवासों की मरम्मत पर 1 साल में खर्च हुए रिकॉर्ड ₹92.35 करोड़, 12 साल में 547 करोड़ रुपये

RTI से खुलासा: दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के आवासों की मरम्मत पर 1 साल में खर्च हुए रिकॉर्ड ₹92.35 करोड़, 12 साल में 547 करोड़ रुपये

रसोई का बजट बिगाड़ेगा प्याज: बारिश से फसल खराब, दाम ₹100 तक पहुंचने की आशंका

रसोई का बजट बिगाड़ेगा प्याज: बारिश से फसल खराब,  दाम ₹100 तक पहुंचने की आशंका

कॉकरोच जनता पार्टी आज अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक करेगी, क्या है इसके एजेंडे में और आगे की प्लानिंग?

कॉकरोच जनता पार्टी आज अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक करेगी, क्या है इसके एजेंडे में और आगे की प्लानिंग?

आज की ताजा खबर, 24 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: NSA अजीत डोभाल जा रहे चीन, एजेंडा में बॉर्डर पर स्थिरता का मुद्दा...कार एक्सीडेंट में BJP-AAP के विधायक घायल, सरकारी अस्पताल में आग लगने से 3 शिशुओं की मौत

आज की ताजा खबर, 24 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: NSA अजीत डोभाल जा रहे चीन, एजेंडा में बॉर्डर पर स्थिरता का मुद्दा...कार एक्सीडेंट में BJP-AAP के विधायक घायल, सरकारी अस्पताल में आग लगने से 3 शिशुओं की मौत

नागपुर के गोधनी में वॉटर प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, कई लोगों को सांस लेने में हुई तकलीफ, 40 लोग अस्पताल में भर्ती

नागपुर के गोधनी में वॉटर प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, कई लोगों को सांस लेने में हुई तकलीफ, 40 लोग अस्पताल में भर्ती