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सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा ने भतीजे को दिया टिकट! समझिए पूरा समीकरण

Chhattisgarh Election 2023: भाजपा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले उम्मीदवारों को पहली लिस्ट जारी करके हर किसी को हैरान कर दिया है। एमपी में 39 सीटों पर तो छत्तीसगढ़ में 21 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। सीएम बघेल के खिलाफ भाजपा ने उनके भतीजे को उतारा है।

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छत्तीसगढ़ में सीए बघेल के खिलाफ भतीजे विजय को भाजपा का टिकट।

Chhattisgarh Chunav: छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने 21 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। इस लिस्ट में सबसे प्रमुख नाम दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल का है, जिन्हें भाजपा ने पाटन विधानसभा से अपना उम्मीदवार चुना है। आपको बता दें कि सीएम भूपेश बघेल पाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। बीजेपी सांसद विजय बघेल रिश्ते में सीएम के भतीजे हैं।

सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ भतीजे विजय को टिकट

भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लेकर 21 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की। जिसमें सबसे बड़ा नाम भूपेश बघेल के भतीजे और सांसद विजय बघेल का है। फिलहाल विजय दुर्ग लोकसभा सीट भाजपा से सांसद हैं। भतीजे को सीएम चाचा भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा ने चुनावी मैदान में उतारा है। जिसके कई अहम मायने हो सकते हैं।

भूपेश बघेल ने भाजपा के इस कदम पर क्या कहा?

भाजपा ने छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए पहली लिस्ट जारी की तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सीएम भूपेश ने बोला कि 'मैंने सुना है कि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव को लेकर 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। कुछ खास नहीं है। वो (भाजपा) कुछ भी बोले, पहले अपनी स्थिति देख लें।'

छत्तीसगढ़ भाजपा ने किन 21 नेताओं पर जताया भरोसा?

1. भूलन सिंह मरावी (प्रेमनगर विधानसभा सीट)

2. लक्ष्मी राजवाड़े (भटगांव विधानसभा सीट)

3. शकुंतला सिंह पोर्थे (प्रतापपुर विधानसभा सीट- ST)

4. रामविचार नेताम (रामानुजगंज विधानसभा सीट- ST)

5. प्रबोज भींज (लुन्द्र विधानसभा सीट- ST)

6. महेश साहू (खरसिया विधानसभा सीट)

7. हरिश्चन्द्र राठिया (धर्मजागढ़ विधानसभा सीट- ST)

8. लखनलाल देवांगन (कोरबा विधानसभा सीट)

9. प्रणव कुमार मरपच्ची (मरवाही विधानसभा सीट- ST)

10. सरला कोसरिया (सरायपाली विधानसभा सीट- SC)

11. अलका चंद्राकर (खल्लारी विधानसभा सीट)

12. आशाराम नेताम (कांकेर विधानसभा सीट- ST)

13. इन्द्रकुमार साहू (अभानपुर विधानसभा सीट)

14. रोहित साहू (राजिम विधानसभा सीट)

15. श्रवण मरकाम (सिहावा विधानसभा सीट- ST)

16. देवलाल हलवा ठाकुर (दौंड़ी लोहारा विधानसभा सीट- ST)

17. विजय बघेल (पाटन विधानसभा सीट)

18. विक्रांत सिंह (खैरागढ़ विधानसभा सीट)

19. गीता घासी साहू (खुज्जी विधानसभा सीट)

20. संजीव साहा (मोहला मानपुर विधानसभा सीट- ST)

21. मनीराम कश्यप (बस्तर विधानसभा सीट- ST)

अगर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस पाटन विधानसभा सीट से ही चुनावी मैदान में उतारती है, तो इस बार चाचा भतीजे के बीच आमने सामने की जंग देखने को मिलेगी। भाजपा ने एकसाथ कई पासा फेंके हैं- पहली बार चुनाव की घोषणा होने से पहले उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करना, या सीएम के खिलाफ भतीजे को मैदान में उतारना, या फिर 21 में से 11 आरक्षित सीटों पर नेताओं के नाम का ऐलान करना हो। अब देखना होगा कि भाजपा की इस चाल का कितना असर पड़ता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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