Kinnaur Landslide: किन्नौर में अभी तक 13 शव बरामद, 'गायब' हुई बस का अभी तक कोई सुराग नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 12, 2021, 08:38 AM IST

HIMACHAL LANDSLIDE  NEWS: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में लैंडस्लाइड की वजह से मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। बचाव और राहत का कार्य रात में भी जारी रहा।

किन्नौर: हिमाचल के किन्नौर (KINNAUR  LANDSLIDE  NEWS) में हुए दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। ऐसे में ITBP के जवानों और बचाव कर्मियों ने हादसे में लोगों को बचाने और रोड खुलवाने के लिए रात में भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया,  'हमने बस के अवशेषों का पता लगा लिया है और एक शव बरामद कर लिया गया है।' उन्होंने कहा कि अभी तक 13 शव बरामद हो चुके हैं।

 हुआ था दर्दनाक हादसा

दरअसल किन्नौर के निगुलसरी में नेशनल हाइवे-5 पर लैंडस्लाइड की वजह से कई वाहन चपेट में आ गए। पीएम मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है और मरने वालों के परिजन के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। उन्होंने म़तकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। इस भूस्खलन का एक वीडियो सामने आया है। इसमें दिखा कि पहले तो पहाड़ से पत्थर नीचे नदी में गिरे। उसके बाद पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग पांच पर और नदी में गिर जाता है।

वाहन और बस का पता नहीं
भूस्खलन में हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस, जो रिकांग पियो से शिमला होते हुए हरिद्वार जा रही थी, अब भी मलबे में दबी हुई है। बस के अलावा एक बोलेरो और उसके यात्री मलबे के नीचे नहीं पाए गए और उनका अब भी पता नहीं चल सका है। कहा जा रहा है कि हो सकता है कि दोनों वाहन मलबे के साथ खाई की तरफ लुढ़ गए ङों। मृतकों में से आठ एक टाटा सूमो टैक्सी में फंसे पाए गए। इससे पहले एक बुरी तरह क्षतिग्रस्त ऑल्टो कार भी बरामद की गई थी जिसके अंदर कोई नहीं था।

सीएम ने कही थी ये बात

बचाव कर्मियों ने रात होने से पहले अभियान पूरा करने के लिए निचार तहसील के निगुलसारी क्षेत्र के चौरा गांव के पास मलबे से जीवित बचे लोगों और शवों को निकालने के लिए संघर्ष किया। 13 लोगों को इस दौरान सुरक्षित बाहर भी निकाल लिया गया। इससे पहले टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि मलबे के नीचे 50-60 लोगों के फंसे होने की आशंका है, लेकिन सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बचाव और राहत कार्य के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि केंद्र भी हालत पर नजर बनाए हुए है तथा गृह मंत्री अमित शाह ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

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