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234 दिन की नजरबंदी के बाद उमर अब्दुल्ला का इंटरव्यू, नाविका कुमार के तीखे सवाल, यहां देखें पूरी बातचीत

  • Updated Aug 2, 2021, 11:09 PM IST

Omar Abdullah Interview: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने खास बातचीत की है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता उमर अब्दुल्ला के साथ टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने खास बातचीत की है। उन्होंने उमर अब्दुल्ला से अनुच्छेद 370, पाकिस्तान और कश्मीर में पत्थरबाजी को लेकर कई तीखे सवाल किए हैं। 234 दिन की नजरबंदी के बाद उमर अब्दुल्ला का ये इंटरव्यू है।

अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि इससे देश के लिए मेरे नजरिए में बदलाव नहीं आया। हालांकि केंद्र सरकार के लिए मेरे नजरिए में बदलाव आया है। वहीं नजरबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश ने नहीं मोदी सरकार ने नजरबंद रखा। मुझे देश की न्यायपालिका पर भरोसा है। 370 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज होनी चाहिए। देश की संस्थाओं पर विश्वास में कमी आई है। 

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 35A में सुधार की जरूरत थी। जम्मू-कश्मीर अलग देश बनना चाहता था। शर्तों के साथ जम्मू-कश्मीर भारत के साथ गया था। हालातों की वजह से हम भारत के साथ आए। उन्होंने कहा कि देश ने कश्मीरियों को कभी नहीं अपनाया। कश्मीरियों से किए गए वादे को भारत ने तोड़ा। मैंने कभी पाकिस्तान के साथ जाने की बात नहीं कही। अगर ऐसा होता है तो कश्मीर के कुछ लोग खुश होंगे। मैं पाकिस्तान की नुमाइंदगी नहीं करता हूं।  

'2 साल में कश्मीरी पंडितों की वापसी हुई'

बातचीत के लिए माहौल तैयार करना सिर्फ भारत की जिम्मेदारी नहीं है, पाकिस्तान को भी माहौल तैयार करना होगा। जम्मू-कश्मीर में जो मसला बना वो बंदूक से आया, 370 से नहीं। स्पेशल स्टेटस की वजह से कश्मीर भारत से नहीं कट रहा है। देश से हमारे रिश्ते कभी कमजोर नहीं हुए। कश्मीरी पंडितों के सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह उनके मानवाधिकारों का सम्मान करते हैं और पूछा, 'क्या वे पिछले दो वर्षों में लौट आए हैं? मीडिया ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 ने उनकी वापसी को रोक रखा था।'

मोदी सरकार ने कश्मीर का विकास नहीं किया: अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने से जम्मू-कश्मीर को कैसे फायदा हुआ है? उत्तर प्रदेश की तुलना में जम्मू-कश्मीर अधिक विकसित है। मुझे एक नया निवेश दिखाएं जो हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आया है। अधिकांश परियोजनाएं पिछली सरकारों के समय आईं। मानव विकास सूचकांक में जम्मू-कश्मीर गुजरात से ऊपर है। यह पिछले 2 वर्षों का उपहार नहीं है। मोदी सरकार ने कश्मीर का विकास नहीं किया, जो भी हुआ वो मनमोहन सरकार में हुआ। 

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