Kanhaiyalal murder : उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या की जांच NIA कर रही रही है। एनआईए की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद मोहम्मद रियाज और गौस देश छोड़कर भागने वाले थे लेकिन इनका प्लान फेल हो गया और ये पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस बीच, एनआईए ने एक अन्य आरोपी मोहसिन को भी गिरफ्तार किया है। मोहसिन के घर से हथियार मिलने की बात भी सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि मामले में दो और लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
सोशल मीडिया रिकॉर्ड्स खंगाल रही NIA
एनआईए आरोपियों के सोशल मीडिया रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। जांच एजेंसी की रडार पर वे संदिग्ध सोशल मीडिया ग्रुप हैं जिनसे मोहम्मद रियाज और गौस जुड़े हुए थे। सोशल मीडिया में रियाज और गौस से जुड़े लोगों को चिन्हित किया गया है। इन सोशल मीडिया ग्रुप में कट्टरपंथी सोच वाले हजारों पोस्ट शेयर किए गए हैं।
कन्हैयालाल की हत्या से पहले आरोपियों की जो मीटिंग हुई थी उसमें शामिल लोगों की भी पहचान की जा रही है। एक अन्य आरोपी मोहसिन के घर से हथियार मिलने की बात सामने आई है। वहीं, हत्या की घटना का वीडियो वायरल करने पर पांच लोग अरेस्ट हुए हैं।
लोगों को दावत ए इस्लामी के साथ जोड़ रहे थे
जांच में यह बात सामने आई है कि रियाज और गौस सोशल मीडिया में जिस समूह से जुड़े हुए थे उनमें पाकिस्तानी लोग भी शामिल हैं। वे लोगों को दावत ए इस्लामी के साथ जोड़ रहे थे। रियाज समूह के लोगों से चंदा जुटाने के लिए कहता था। ये मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में साजिश रच रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि इनके निशाने पर उदयपुर में तीन और टारगेट थे। सूत्रों के मुताबिक रियाज और गौस उदयपुर से भागकर अजमेर पहुंचना चाहते थे और यहां से उनकी योजना देश छोड़ने की थी। देश से बाहर निकलने के लिए उन्होंने किसी से बात भी की थी। रियाज राजस्थान में स्लीपर सेल तैयार कर रहा था।
