Vande Bharat Sleeper Express : यात्रियों की सविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन चलाकर एक बड़ी पहल की है लेकिन यात्री इस पहल का स्वागत करते हुए नहीं दिख रहे हैं। इस ट्रेन के शुरू होते ही लोगों ने अन्य स्लीपर ट्रेनों की तरह इसका भी हाल किया है। इस नई ट्रेन में वे प्लास्टिक कचरा छोड़कर चले गए। ये गंदगी यात्रियों के सिविक सेंस को दिखाती है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार को हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलने वाली पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सामने आए वीडियो में दिखा कचरा
सामने आए एक वीडियो में हाई-टेक ट्रेन की उद्घाटन यात्रा के कुछ ही घंटों बाद एक कोच में बिखरे प्लास्टिक पैकेट, डिस्पोजेबल चम्मच और खाने के कचरे को देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया में गंदगी फैलाने की आलोचना हो रही है। लोगों का सवाल है कि बुनियादी सार्वजनिक अनुशासन के बिना विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा कैसे टिक सकता है।
X पर लोगों ने की आलोचना
वीडियो एक्स X पर इस कैप्शन के साथ साझा किया गया, 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की उद्घाटन यात्रा के कुछ ही घंटों के भीतर लोग कचरा फैलाने लगे। ज़रा नागरिक समझदारी देखिए।' दृश्य तेजी से वायरल हो गए और यूज़र्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिनमें निराशा और आक्रोश व्यक्त किया गया। इस वीडियो को देखने के बाद यूजर्स जापान वाली पढ़ाई और सीख को भारत में लागू करने की वकालत कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब भारत में जापान वाली स्कूलिंग की जरूरत है।
भारतीय रेलवे ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो का भारतीय रेलवे ने संज्ञान लिया है। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा कि रेलवे में स्वच्छता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, क्योंकि रेलवे प्रणाली सार्वजनिक संपत्ति है। अधिकारी ने आगे बताया कि वंदे भारत ट्रेनों में यदि इस तरह का कचरा फैलाने या अस्वच्छ व्यवहार की कोई घटना होती है, तो उसे तुरंत साफ करने के लिए ऑन-बोर्ड समर्पित हाउसकीपिंग स्टाफ हमेशा उपलब्ध रहता है।
