व्यापार और शुल्क को लेकर भारत-अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच, अमेरिका के नई दिल्ली स्थित दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक आश्चर्यजनक पोस्ट साझा किया, जिसमें दोनों देशों के रिश्तों को "नयी ऊंचाइयों पर" बताते हुए इसे 21वीं सदी का निर्णायक साझेदारी करार दिया गया। यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकातें हुईं।
अमेरिकी दूतावास ने जताई दोस्ताना भावना
अमेरिकी दूतावास के इस पोस्ट में कहा गया,-"अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी लगातार नयी ऊंचाइयों को छू रही है-यह 21वीं सदी का एक निर्णायक रिश्ता है। इस महीने, हम उन लोगों, प्रगति और संभावनाओं को रेखांकित कर रहे हैं जो हमें आगे बढ़ा रहे हैं। नवाचार और उद्यमिता से लेकर रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों तक, यह हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच की स्थायी मित्रता ही है जो इस यात्रा को ऊर्जा प्रदान करती है।’’
मार्को रुबियो का संदेश
पोस्ट के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तस्वीर और उनका संदेश भी साझा किया गया। रुबियो ने कहा- "हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच स्थायी मित्रता हमारे सहयोग का आधार है और यह हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, क्योंकि हम अपने आर्थिक संबंधों की जबरदस्त क्षमता को समझते हैं।"
व्यापारिक तनाव के बावजूद दोस्ताना रुख
यह पोस्ट एक ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्कों ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। अमेरिकी सरकार ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। इन कदमों के कारण भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में खटास आई है और कूटनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
