रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यवार बजट के बारे में बताया, पश्चिम बंगाल में रेल कनेक्टिविटी को लेकर कही अहम बात
- Edited by: रवि वैश्य
- Updated Feb 2, 2026, 04:55 PM IST
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यवार बजट के बारे में दी जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में रेलवे कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि पूरा राज्य बड़े पैमाने पर रेल परिवहन पर निर्भर है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (फाइल फोटो)
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यवार बजट के बारे में दी जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में रेलवे कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि पूरा राज्य बड़े पैमाने पर रेल परिवहन पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि जो डिमांड फॉर ग्रांट्स स्वीकृत हुई है, उसके बारे में विस्तार राज्य-दर-राज्य जानकारी...
असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बजट
सबसे पहले असम और नॉर्थ ईस्टर्न राज्यों की बात।
इस वर्ष असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 11,486 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
इसके अलावा, वर्तमान में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुल 72,468 करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है।
इस साल का बजट: 11,486 करोड़ रुपये
चल रहे कुल प्रोजेक्ट्स: 72,468 करोड़ रुपये
कई नए प्रोजेक्ट्स और नए पुलों (ब्रिज) के सर्वे भी चल रहे हैं। भूटान को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए कोकराझार से गेलेफू तक रेल संपर्क की योजना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में प्रगति
हाल ही में मिज़ोरम की कनेक्टिविटी पूरी हुई है।
मणिपुर का काम कुछ समय रुकने के बाद फिर से शुरू हो गया है।
नागालैंड में कार्य तेज़ी से चल रहा है।
अरुणाचल प्रदेश के लिए एक प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार हो चुकी है और वह अनुमोदन की उन्नत अवस्था में है।
सिक्किम का काम भी तेज़ी से प्रगति पर है।
करीब 40 किलोमीटर का एक रणनीतिक सेक्शन, जो पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेगा, उसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। इसमें चार लाइनें और कुछ हिस्सों में अंडरग्राउंड लाइन की भी योजना है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी को एक बिल्कुल नया आयाम मिलेगा।
पर्यावरण और तकनीक
प्रधानमंत्री ने 'पूर्वोदय' की भावना से लगातार काम किया है।
पहली वंदे स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच शुरू हुई।
पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। हाथियों की सुरक्षा के लिए ऑप्टिकल फाइबर आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन टेक्नोलॉजी लागू की गई है। अब एक नया प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है जिसमें एआई आधारित कैमरे और थर्मल कैमरा तकनीक से हाथियों की समय पर पहचान कर उन्हें बचाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के लिए बड़ी खुशखबरी है कि पहली बुलेट ट्रेन सिलीगुड़ी तक आएगी। यह कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित है और भविष्य में इसे गुवाहाटी तक बढ़ाया जाएगा। इससे नॉर्थ ईस्ट और बंगाल, दोनों को बड़ा लाभ होगा। साथ ही, एक नया फ्रेट कॉरिडोर भी पश्चिम बंगाल को मिलेगा, जो दानकुनी से शुरू होकर गुजरात तक जाएगा और ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगा। पश्चिम बंगाल में लगभग एक दर्जन से अधिक नई ट्रेनें चलाई गई हैं।
कोलकाता मेट्रो का विस्तार
कोलकाता मेट्रो का विशेष उल्लेख आवश्यक है।
पहले 40 वर्षों में केवल 27 किलोमीटर मेट्रो बनी थी।
लेकिन 2014 के बाद, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विशेष ध्यान के कारण 11 वर्षों में 45 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ।
तुलना स्पष्ट है:-
40 साल = 27 किमी
11 साल = 45 किमी
यह पश्चिम बंगाल की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार है। हालांकि, यह काम और तेज़ी से आगे बढ़ सकता था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से कुछ बाधाएं भी आईं।
अभी 17 नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने की भी पहल की गई है।
पश्चिम बंगाल के लिए रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया है -14,205 करोड़ रुपये। यह राज्य के लिए रेलवे क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आवंटन है।
पश्चिम बंगाल में रेलवे कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि पूरा राज्य बड़े पैमाने पर रेल परिवहन पर निर्भर है। इसी कारण यहां बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
नई ट्रेनों के संचालन पर भी विशेष फोकस है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दर्जन से अधिक नई ट्रेनों की शुरुआत की है। इसके अलावा, पिछले 10 वर्षों में पश्चिम बंगाल में 100 से अधिक नई ट्रेनें शुरू की जा चुकी हैं। इस प्रकार, पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में व्यापक कार्य किया जा रहा है।
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