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मोदी सरकार के इस मंत्री ने इंदिरा गांधी को बताया 'मदर ऑफ इंडिया', कांग्रेस की भी कर दी प्रशंसा

BJP on Indira Gandhi : केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इंदिरा गांधी को 'मदर ऑफ इंडिया' करार दिया है। उन्होंने इस मौके पर कांग्रेस पार्टी के नेता और मार्क्सवादी नेता को अपना राजनीतिक गुरु बताया। इदिंरा के साथ-साथ उन्होंने कांग्रेस की भी प्रशंसा की। आपको बताते हैं उन्होंने क्या कहा।

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कांग्रेस नेताओं की तारीफ में बोले केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी।

Photo : Times Now Digital

Union Minister on Congress: मोदी सरकार के एक मंत्री ने कांग्रेस और इंदिरा गांधी की खुलकर तारीफ की है। साथ ही उन्होंने मार्क्सवादी नेता को अपना गुरु भी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 'मदर ऑफ इंडिया' करार दिया वहीं कांग्रेस के दिवंगत नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण को 'साहसी प्रशासक' बताया।

मोदी के मंत्री ने किसे बताया अपना राजनीतिक गुरु?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने करुणाकरण और मार्क्सवादी नेता ई.के. नयनार को अपना 'राजनीतिक गुरु' भी बताया।

गोपी यहां पुनकुन्नम स्थित करुणाकरण के स्मारक 'मुरली मंदिर'जाने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। दिलचस्प बात है कि सुरेश गोपी ने करुणाकरण के बेटे एवं कांग्रेस नेता के मुरलीधरन को त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र से हराया है। मुरलीधरन 26 अप्रैल के चुनावों में त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे थे।

राजनीतिक मतलब नहीं निकालने का किया आग्रह

भाजपा नेता ने मीडियाकर्मियों से करुणाकरण स्मारक के उनके दौरे का कोई भी राजनीतिक मतलब नहीं निकालने का आग्रह करते हुए कहा कि वह यहां अपने 'गुरु' को श्रद्धांजलि देने आए हैं। उन्होंने कहा कि नयनार और उनकी पत्नी शारदा टीचर की तरह उनके करुणाकरण और उनकी पत्नी कल्याणीकुट्टी अम्मा के साथ भी घनिष्ठ संबंध थे। वह 12 जून को कन्नूर में नयनार के घर भी गये थे।

इंदिरा गांधी को 'मदर ऑफ इंडिया' मानते हैं गोपी

सुरेश गोपी ने कहा कि वह इंदिरा गांधी को 'मदर ऑफ इंडिया' मानते हैं, जबकि करुणाकरण उनके लिए 'राज्य में कांग्रेस पार्टी के पिता' थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि करुणाकरण को केरल में कांग्रेस का 'पिता' बताना दक्षिणी राज्य की सबसे पुरानी पार्टी के संस्थापकों या सह-संस्थापकों के प्रति कोई अनादर नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के दिग्गज की कर दी तारीफ

अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता की प्रशासनिक क्षमताओं की भी सराहना की और उन्हें अपनी पीढ़ी का 'साहसी प्रशासक' करार दिया। सुरेश गोपी ने कहा कि हालांकि उन्होंने 2019 में भी मुरली मंदिर जाने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन दिग्गज नेता की बेटी पद्मजा वेणुगोपाल ने राजनीतिक कारणों से उन्हें हतोत्साहित किया। वेणुगोपाल हाल ही में भाजपा में शामिल हो गई हैं। बाद में, सुरेश गोपी शहर के प्रसिद्ध लॉर्डे माता चर्च भी गए और प्रार्थना की।

गोपी ने त्रिशूर लोकसभा सीट जीतकर केरल में भाजपा का खाता खोला है। इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय रहा जिसमें कांग्रेस, भाजपा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखी गई।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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