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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सीईएसएल के ‘ईवी एज ए सर्विस’ प्रोग्राम का अनावरण किया

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कार्यक्रम के दौरान कहा, भारत ऐसे भविष्य की ओर बढ़ेगा, जहां स्वच्छ ऊर्जा विकल्प नहीं बल्कि एक निश्चित व्यवस्था होगी, जिससे आने वाली पीढ़ियों के जीवन पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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Union Minister Manohar Lal Khattar

Photo : Times Now Digital

केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन संचालित एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की सब्सिडियरी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने आज अपने ‘ईवी एज ए सर्विस’ प्रोग्राम की शुरुआत की। भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में इसका उद्घाटन किया गया। यह प्रोग्राम केंद्र व राज्य सरकारों के मंत्रालयों/विभागों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और संस्थानों में इलेक्ट्रिक कारों को अपनाने की गति बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।

अगले दो साल में 5,000 ई-कारें चलाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ सीईएसएल के ‘ईवी एज ए सर्विस’ प्रोग्राम के माध्यम से सरकारी सेक्टर में ईवी की बढ़ती मांग को पूरा किया जाएगा। सरकारी खरीद के एक लचीले मॉडल को अपनाते हुए इस प्रोग्राम के माध्यम से अलग-अलग बनावट एवं मॉडल की ई-कारों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे सरकारी कार्यालयों के लिए परिचालन से जुड़ी अपनी जरूरत के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ ई-कारों का चयन कर पाना संभव होगा। यह पहल न केवल पर्यावरण को लेकर सरकार के लक्ष्य का समर्थन करती है, बल्कि 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पाने की दिशा में भी सहायक है।

सरकारी कार्यालयों के वाहनों के बेड़े में ईवी की हिस्सेदारी को बढ़ाते हुए सीईएसएल कार्बन उत्सर्जन कम करने, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। उल्लेखनीय है कि सीईएसएल ने अब तक पूरे भारत में करीब 2000 ई-कारें उपलब्ध कराई हैं और करीब 17,000 ई-बसों को उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।

ईवी प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

लॉन्च कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई। इस दौरान एक ईवी प्रदर्शनी का आयोजन हुआ और ईवी रैली भी निकाली गई, जिसमें ई-बाइसिकिल, इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया, ई-ट्रैक्टर, ई-मोबाइल चार्जिंग वैन, ई-कार्गो पिकअप, ई-बस और ई-ट्रक समेत विभिन्न सेगमेंट के 100 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों ने हिस्सा लिया। इस रैली के माध्यम से वर्तमान समय में भारत में उपलब्ध ई-मोबिलिटी सॉल्यूशन की विविधता सामने आई। इससे हरित एवं पर्यावरण के अनुकूल यातायात के साधनों को बढ़ावा देने की सीईएसएल की प्रतिबद्धता भी दिखती है।

स्वच्छ ऊर्जा विकल्प नहीं निश्चित व्यवस्था

इस अवसर पर मनोहर लाल ने कहा, ईवी एज ए सर्विस प्रोग्राम सस्टेनेबल इनोवेशन को लेकर सीईएसएल की प्रतिबद्धता को दिखाता है और यातायात के स्वच्छ साधनों की तत्काल जरूरत को पूरा करने की इसकी क्षमता को प्रदर्शित करता है। मैं न केवल बदलाव का नेतृत्व करने के लिए सीईएसएल की सराहना करता हूं, बल्कि हरित यातायात की दिशा में भारत की यात्रा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए भी इसकी प्रशंसा करता हूं। इस तरह की पहल के माध्यम से भारत ऐसे भविष्य की ओर बढ़ेगा, जहां स्वच्छ ऊर्जा विकल्प नहीं, बल्कि एक निश्चित व्यवस्था होगी, जिससे आने वाली पीढ़ियों के जीवन पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इस दौरान सीईएसएल के एमडी एवं सीईओ विशाल कपूर ने कहा, ईवी एज ए सर्विस की लॉन्चिंग हाल ही में शुरू की गई पीएम ई-ड्राइव स्कीम को ध्यान में रखकर की गई है। पीएम ई-ड्राइव स्कीम एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका लक्ष्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने की भारत की गति को तेज करना है। यातायात का भविष्य इलेक्ट्रिक है और सीईएसएल में हम सरकारी वाहनों के बेड़े में ईवी की उपलब्धता को सुगम बनाते हुए बड़े पैमाने पर उत्सर्जन को कम करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह प्रोग्राम मैन्यूफैक्चरर्स और फ्लीट ऑपरेटर्स से लेकर नीति निर्माताओं और यूजर्स तक, सभी हितधारकों को साथ लेकर विकास के लिए तत्पर एक साझा इकोसिस्टम बनाता है। सीईएसएल ऊर्जा दक्षता एवं लो-कार्बन इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है और हम एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाते हुए इसका नेतृत्व कर रहे हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल यातायात के लिए मानक की तरह काम करेगा। कार्यक्रम के दौरान विद्युत मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, राजस्व विभाग, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय समेत विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के कई प्रतिष्ठित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनके अतिरिक्त, कई ई-मोबिलिटी ओईएम, थिंक टैंक और ईवी के प्रति उत्साही लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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