NSA Ajit Doval: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया। एनएसए को यह सम्मान पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया। इस मौके पर गृह मंत्री के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, डिप्सी सीएम एकनाथ शिंदे सहित अन्य नेता मौजूद थे। इस मौके पर गृह मंत्री शाह ने एनएसए को पुणे की पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
गृह मंत्री ने NSA को पुणेरी पगड़ी पहनाई
गृह मंत्री ने उन्हें पारंपरिक पुणेरी पगड़ी, एक स्मृति चिन्ह, एक चेक और 'गीता रहस्य' किताब की एक प्रति दी। यह आयोजन स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया।
क्या है लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार?
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार में एक स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और 1 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है। यह सम्मान हर वर्ष उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस वर्ष अजित डोभाल को भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए चुना गया है। अपने लंबे खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा करियर के दौरान उन्होंने ऑपरेशन ब्लैक थंडर, डोकलाम कूटनीतिक वार्ता और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कई महत्वपूर्ण रणनीतिक कार्रवाइयों में अहम भूमिका निभाई।
अजित डोभाल का करियर
1968 बैच के केरल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अजित डोभाल ने तीन दशकों से अधिक समय तक भारत की खुफिया व्यवस्था में सेवा दी और बाद में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख बने। अपने करियर के दौरान उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया। इसके अलावा वे इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में भी तैनात रहे। 81 वर्षीय अजित डोभाल वर्तमान में भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) हैं। उन्हें देश के प्रमुख रणनीतिक और सुरक्षा विशेषज्ञों में गिना जाता है और पिछले एक दशक में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और ढांचे को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार का महत्व
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक माना जाता है। यह सम्मान स्वतंत्रता सेनानी और महान राष्ट्रवादी नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की विरासत को समर्पित है तथा उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान दिया हो।
