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देश में पहली बार 3D प्रिंटिंग तकनीक से बन रही बिल्डिंग, 8 महीने का काम सिर्फ 45 दिनों में पूरा होगा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 13, 2023, 07:29 AM IST

डाकघर की इमारत की 3डी प्रिंटिंग पूरी तरह से स्वचालित 3डी प्रिंटर का उपयोग करके 'ओपन टू स्काई' वातावरण में 'सीटू' (Situ) में डाली गई है।

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3D प्रिंटेड बिल्डिंग (Twitter)

3D-Printed Public Building: 6 मई को कर्नाटक का अपना पहला 3डी प्रिंटेड सार्वजनिक भवन (3D-printed public building) होगा। कैंब्रिज लेआउट में उल्सूर बाजार डाकघर (Ulsoor Bazaar Post office) भारत का पहला 3 डी प्रिंटेड भवन होगा। 22 मार्च को यहां काम शुरू हुआ और यह अपनी 45 दिन की समय सीमा के भीतर पूरा होने जा रहा है। परियोजना के दौरान एल एंड टी कंस्ट्रक्शन ने एक मीडिया इंटरेक्शन का आयोजन किया गया था, जो 23 लाख रुपये के बजट में इस भवन का निर्माण कर रहा है। बता दें कि इसे लेकर रेल मंत्री अश्विन वैष्णव ने भी ट्वीट किया है।

लार्सन एंड टुब्रो कंस्ट्रक्शन (बिल्डिंग) के पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष एम वी सतीश ने कहा कि इस शुक्रवार (14 अप्रैल) तक यहां छपाई की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पारंपरिक रूप से निर्मित भवनों की तुलना में इससे समय की भारी बचत होती है। 1100 वर्गफीट में बने इस पोस्ट ऑफिस को बनाने में 6 से 8 महीने का समय लगता होगा। हम इसे यहां सिर्फ 45 दिनों में पूरा कर लेंगे। हमें काम पूरा करने के लिए केवल पांच लोगों की जरूरत है।

लागत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लागत अभी के बराबर है। अगर हम इसे भविष्य में बड़े पैमाने पर करते हैं, तो यह और कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि 3डी कंक्रीट संरचना बहुत मजबूत है। सतीश ने कहा कि प्रौद्योगिकी को भवन निर्माण सामग्री और प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (बीएमटीपीसी) ने स्वीकृति दी है। जबकि डाकघर के संरचनात्मक डिजाइन को आईआईटी मद्रास ने मान्य किया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डाकघर की इमारत की 3डी प्रिंटिंग पूरी तरह से स्वचालित 3डी प्रिंटर का उपयोग करके 'ओपन टू स्काई' वातावरण में 'सीटू' (Situ) में डाली गई है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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