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'मुंबई को विभाजित करने की हो रही साजिश', उद्धव ठाकरे ने भाजपा-आरएसएस पर लगाए संगीन आरोप

Uddhav Thackeray Slams BJP-RSS: उद्धव ठाकरे ने भाजपा, आरएसएस पर संगीन आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है मुंबई को विभाजित करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर भैयाजी जोशी में हिम्मत है, तो वह कर्नाटक, तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल में जाकर ऐसे बयान दें और देखें कि वहां से सुरक्षित लौट सकते हैं या नहीं।

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शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे

Photo : PTI

Maharashtra Politics: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर मुंबई को विभाजित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने हाल ही में रिलीज फिल्म 'छावा' का जिक्र करते हुए कहा कि हर दौर में 'अनाजी पंत' जैसे लोग होते हैं, जो विश्वासघात करते हैं। उन्होंने इशारों में भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग खुद को पूरे ब्रह्मांड का ज्ञाता समझते हैं।

आरएसएस के भैयाजी जोशी के बयान पर भड़के उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने आरएसएस के भैयाजी जोशी के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'भैयाजी जोशी बुधवार को घाटकोपर में अनाप-शनाप बोलकर चले गए। पहले ये लोग हिंदू-मुस्लिम विवाद खड़ा करते थे, अब ये मराठी-मराठी के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने चुनौती दी कि अगर भैयाजी जोशी में हिम्मत है, तो वह कर्नाटक, तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल में जाकर ऐसे बयान दें और देखें कि वहां से सुरक्षित लौट सकते हैं या नहीं।

देवेंद्र फडणवीस पर भी उद्धव ठाकरे ने लगाए गंभीर आरोप

उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या मुंबई के वार्डों को भाषाई आधार पर पुनर्गठित करने की साजिश हो रही है, ठीक वैसे ही जैसे राज्यों का पुनर्गठन हुआ था। यह एक विकृत मानसिकता को दर्शाता है, जो धीरे-धीरे सत्ता पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी भैयाजी जोशी की तरह एक 'छोटी मानसिकता' के व्यक्ति हैं। इस बात को खुलकर कहा जाना चाहिए, नहीं तो भैयाजी जोशी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने याद दिलाया कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए ही महाराष्ट्र में मराठी भाषा को अनिवार्य करने का कानून लाया गया था। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर समय पर कदम नहीं उठाया गया, तो यह साफ हो जाएगा कि यह सब आरएसएस की एक सुनियोजित साजिश है। भाजपा और आरएसएस का एक खास पैटर्न है - 'पहले वे एक छोटे प्यादे को आगे बढ़ाते हैं और जब वह बड़ा हो जाता है, तो उसे अपने कंधे पर उठा लेते हैं।'

सरकार को चेतावनी देते हुए उद्धव ठाकरे ने क्या कुछ कहा?

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठी को अधिकार दिलाना किसी पर उपकार नहीं था। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'भले ही भाजपा को मराठी भाषा की परवाह न हो, लेकिन ब्रिटिश भी इस भाषा का सम्मान करते थे।'

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई को 280 मराठी लोगों के बलिदान से सुरक्षित किया गया था। यह मराठी लोगों की कमाई हुई धरती है। ठाकरे ने आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब भी मुंबई पर कोई संकट आया है, हम सभी एकजुट हुए हैं। हमने हिंदू बनकर सभी की रक्षा की है, लेकिन ये लोग समाज में भेदभाव और विभाजन पैदा करते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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