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एशिया में खराब ट्रैफिक के मामले में भारत के इन 2 शहरों की स्थिति सबसे खराब, सड़क पर 132 घंटे अतिरिक्त बिता रहे लोग

Bengaluru: टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स के अनुसार, बेंगलुरु यातायात के मामले में एशिया के सबसे खराब शहरों में से एक है। बेंगलुरू के बाद पुणे 27 मिनट और 50 सेकंड प्रति 10 किलोमीटर की दूरी के समय के साथ इस मामले में दूसरे स्थान पर है।

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भारत में है एशिया का सबसे खराब ट्रैफिक वाला शहर, नाम जान चौंक जाएंगे

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Bengaluru: टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स के अनुसार, बेंगलुरु को खराब ट्रैफिक के मामले में एशिया के सबसे खराब शहरों शामिल किया गया है। बेंगलुरु वाहन चालक मात्र 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 28 मिनट और 10 सेकंड का समय लगाते हैं। इसका अर्थ यह है कि भारतीय प्रौद्योगिकी केंद्र के निवासी पीक आवर्स के दौरान यातायात में फंसे रहने के कारण सालाना अतिरिक्त 132 घंटे बिताते हैं। बेंगलुरू की गंभीर यातायात समस्याएं तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार कारण हैं। यातायात प्रबंधन में सुधार के प्रयासों के बावजूद, शहर की सड़कें एशिया में सबसे धीमी सड़कों में से एक हैं। जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरू के बाद पुणे 27 मिनट और 50 सेकंड प्रति 10 किलोमीटर की दूरी के समय के साथ इस मामले में दूसरे स्थान पर है। फिलीपींस में मनीला (27 मिनट और 20 सेकंड) और ताइवान में ताइचुंग (26 मिनट और 50 सेकंड) सहित अन्य शहरों में भी यात्रा की गति इसी तरह धीमी है। बता दें, टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 55 देशों और 6 महाद्वीपों के 387 शहरों को कवर करता है, औसत यात्रा समय, ईंधन लागत और CO2 उत्सर्जन के आधार पर शहरों का मूल्यांकन करता है। यह ड्राइवरों, पैदल चलने वालों, शहर के योजनाकारों और नीति निर्माताओं को रोजमर्रा की ट्रैफिक समस्याओं से निपटने में मदद करने के लिए मुफ़्त, मूल्यवान जानकारी प्रदान करता है।

सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी

बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को कहा था कि उसके निरंतर प्रयासों से घातक दुर्घटनाओं में 1.26 प्रतिशत की कमी आई है और दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों में 1.90 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि गैर-घातक दुर्घटनाओं में 4.57 प्रतिशत की तीव्र गिरावट देखी गई, जिससे 2023 की तुलना में कुल दुर्घटनाओं में 3.97 प्रतिशत की कमी आई। 2024 में, बेंगलुरु में 4784 दुर्घटना के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 871 घातक और 3913 गैर-घातक थे। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप 893 मौतें हुईं और 4052 घायल हुए। समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से पुलिस ने कहा कि 2024 में बेंगलुरु शहर में ब्लैक स्पॉट की पहचान करने और उन्हें सुधारने के लिए ठोस उपाय किए गए है। प्रयासों ने रंग दिखाया है और 2023 की तुलना में 2024 में 23.17 प्रतिशत की कमी आई है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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