Twisha Sharma Suicide Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे को बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को सीबीआई ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उसके बेटे समर्थ सिंह के साथ भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया है, जहां सीबीआई को जिला अदालत से 2 जून तक की रिमांड मिल गई है।
सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि वह मां-बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है। इस पर गिरिबाला सिंह के वकील ने कहा है कि उन्हें सीबीआई के अनुरोध पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने सीबीआई की मांग मंजूर करते हुए दोनों को 2 जून तक के लिए डिमांड में भेजना का आदेश दिया है।
समर्थ सिंह पहले से ही पुलिस रिमांड पर था, जिसका आज अंतिम दिन है। समर्थ को भी पांच दिनों के रिमांड पर भेजा गया। वहीं, दोनों को 2 जून 2 बजे तक अदालत में पेश करना होगा। जानकारी के मुताबिक समर्थ सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि मौत से पहले "ट्विशा और मैंने एक साथ खाना खाया। उसके बाद हम वॉक पर निकल गए थे। हम दोनों में सामान्य बातचीत भी हुई थी। ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई थी, जिससे यह लगे कि ट्विशा सुसाइड कर लेगी।"
कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही सीबीआई
इससे पहले बीते दिन मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को उसकी सास और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, इस ट्विशा शर्मा केस से जुड़े मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन सुरक्षित रखने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भेजे गए हैं। एजेंसी ने उनसे 12 मई से 20 मई के बीच की कॉल डिटेल मांगी है, जिसकी रिपोर्ट जल्द मिलने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी। जिसके बाद मायके पक्ष ने ससुरालवालों पर उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया ता। इस मामले की जांच अब सीबीआई के हाथों में है। एजेंसी ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को दोबारा दर्ज करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। मामले को लेकर सीबीआई गहराई से जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, ट्विशा शर्मा की मौत रात करीब 10:20 बजे भोपाल स्थित ससुराल में फांसी लगाने से हुई थी। लेकिन पुलिस को AIIMS अस्पताल से रात करीब 12 बजे सूचना मिली। फिलहाल सीबीआई इस पूरे घटनाक्रम की डिजिटल और फोरेंसिक जांच के जरिए सभी पहलुओं से पड़ताल कर रही है।
