Twisha Sharma Death Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) जज की बहू ट्विशा शर्मा की कथित आत्महत्या का मामला समय बीतने के साथ-साथ लगातार उलझता जा रहा है। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव उनके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला था।
पुलिस के अनुसार, जब ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह, उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गिरिबाला सिंह और समर्थ ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि ट्विशा छत पर बने टीनशेड में फांसी के फंदे से लटकी मिली थीं।
'आत्महत्या नहीं, सोची-समझी हत्या'
दूसरी ओर, ट्विशा के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। ट्विशा के भाई और पिता का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और पति व सास ने खुद को बचाने के लिए खुदकुशी की झूठी कहानी रची है।
कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे के मुताबिक, ट्विशा मंगलवार रात अपनी मां का फोन नहीं उठा रही थीं, जिसके बाद परेशान होकर मां ने सास गिरिबाला सिंह को फोन किया। रात करीब 10:20 बजे सास ने ही छत पर जाकर ट्विशा शर्मा का शव फांसी के फंदे पर लटका देखा था। हालांकि, ट्विशा के भाई ने इस टाइमलाइन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भाई का कहना है कि रात 10:05 बजे तक ट्विशा फोन पर अपनी मां से बात कर रही थीं, तभी अचानक वहां उनका पति समर्थ पहुंचा और उसने चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसके तुरंत बाद फोन कट गया। इसके ठीक 15 मिनट बाद यानी 10:20 बजे गिरिबाला सिंह ने फोन कर ट्विशा की मौत की सूचना दे दी। महज 15 मिनट के इस अंतराल ने परिजनों के संदेह को और गहरा कर दिया है।

ट्विशा शर्मा और उसके पति की फाइल फोटो।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल
ट्विशा के परिवारवालों के आरोपों के बाद यह मामला कानूनी और तकनीकी रूप से पेचीदा हो गया है। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन की शुरुआती कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
पिता का दावा है कि जिस ऊंचाई से फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वह व्यावहारिक परिस्थितियों और ट्विशा के कद से मेल नहीं खाती। इसके अलावा, मौके पर मौजूद रस्सी समेत अन्य महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्यों को या तो बदला गया है या नष्ट करने का प्रयास किया गया है। परिजनों का यह भी कहना है कि ट्विशा के गले पर चोट के जो निशान थे, उन्हें पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया।
जांच को प्रभावित करने का आरोप
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि मौत के बाद अस्पताल में पूर्व जज गिरिबाला सिंह के परिचित कई डॉक्टर मौजूद थे, जिसके कारण पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया और रिपोर्ट प्रभावित हुई। जांच पर शुरू से ही संदेह होने के कारण परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के लिए किसी दूसरे शहर में मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि मौत का वास्तविक सच सामने आ सके।
मामले की गंभीरता और बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शनिवार को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप के नेतृत्व में गठित यह छह सदस्यीय टीम अब पूरे मामले की नए सिरे से बारीकी से जांच करेगी।
दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज
कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या व प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को कोर्ट में चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है, जबकि उनके बेटे समर्थ की जमानत याचिका पर आगामी सोमवार को सुनवाई होनी तय हुई है।
शेयर बाजार के पैसों और ट्रेडिंग खाते पर था विवाद
ट्विशा के परिवारवालों ने आर्थिक प्रताड़ना का खुलासा करते हुए बताया कि पिता नवनिधि शर्मा ने बीते कुछ वर्षों में अपनी बेटी के नाम पर करीब 20 लाख रुपये के शेयर (स्टॉक्स) खरीदे थे। आरोप है कि पति समर्थ उसी ट्रेडिंग खाते में आधी हिस्सेदारी चाहता था, जिसके लिए वह और उसकी मां गिरिबाला सिंह लगातार ट्विशा पर दबाव बना रहे थे।
ट्विशा की भाभी ने रोते हुए बताया कि पति और सास की प्रताड़ना इस हद तक थी कि उन्होंने ट्विशा का बैंक खाता तक खाली करवा दिया था। हालत यह हो गई थी कि दिल्ली आने के लिए ट्रेन का रिजर्वेशन कराने के वास्ते भी ट्विशा को अपनी मां से तीन हजार रुपये मांगने पड़े थे।
मॉडलिंग के बाद एक्टिंग में आजमाया था हाथ
रहस्यमयी परिस्थितियों में दुनिया को अलविदा कहने वाली 32 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली थीं। उनके पिता नवनिधि शर्मा कृषि उत्पाद के व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनके भाई हर्षित भारतीय सेना में मेजर के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं। ट्विशा ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल की थी और अपनी खूबसूरती व प्रतिभा के दम पर वर्ष 2012 में 'मिस पुणे' का प्रतिष्ठित खिताब जीता था।
मॉडल भी रह चुकी थीं ट्विशा।
मॉडलिंग में पहचान बनाने के बाद ट्विशा ने ग्लैमर जगत और सिल्वर स्क्रीन की ओर रुख किया। उन्होंने साल 2018 में आई हिंदी फिल्म "जरा संभल के" में अभिनय किया था, और इसके बाद साल 2021 में रिलीज हुई दक्षिण भारतीय (साउथ) फिल्म "मुग्गुरू मोनागल्लु" में भी मुख्य किरदार निभाया था। अभिनय के साथ-साथ पढ़ाई में भी बेहद होनहार ट्विशा ने एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की थी। हालांकि, फिल्मी दुनिया में अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण उन्होंने बाद में कॉर्पोरेट सेक्टर की राह चुनी और दिल्ली की एक नामी कंपनी में नौकरी करने लगी थीं।
