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Traffic Advisory: दिल्ली-NCR में कई रूटों पर हुआ डायवर्जन, घर से निकलने से पहले पढ़ लें यह खबर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 13, 2023, 10:06 AM IST

Traffic Advisory Independence Day: 15 अगस्त के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। 12 अगस्त मध्य रात्रि से उत्तरी और मध्य दिल्ली की आठ सड़कों से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। शांति वन की ओर पुराना लोहे का पुल और गीता कॉलोनी पुल भी बंद रहेगा।

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Traffic Advisory Independence Day

Photo : BCCL

Traffic Advisory Independence Day: 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। इसके अनुसार, फुल ड्रेस रिहर्सल के मद्देनजर 12 अगस्त मध्य रात्रि से उत्तरी और मध्य दिल्ली की आठ सड़कों से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है।

ट्रफिक एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रतिबंध सुबह 4 बजे से 11 बजे के बीच लागू रहेंगे। बताया गया कि नेताजी सुभाष मार्ग, लोथियन रोड, एसपी मुखर्जी मार्ग, चांदनी चौक रोड, निशाद राज मार्ग, एस्प्लेनेड रोड, राजघाट से आईएसबीटी तक रिंग रोड और आईएसबीटी से आईपी फ्लाईओवर आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक रविवार को निर्धारित समय के बीच आम जनता के लिए बंद रहेगा।

गीता कॉलोनी और पुराना लोहे का पुल भी बंद

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी की गई ट्रैफिक एडवाइजरी में कहा गया है कि शांति वन की ओर पुराना लोहे का पुल और गीता कॉलोनी पुल भी बंद रहेगा। निजामुद्दीन और वजीराबाद पुलों के बीच भारी वाहनों की आवाजाही 12 अगस्त की मध्यरात्रि से 13 अगस्त की सुबह 11 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। इस अवधि के दौरान महाराणा प्रताप आईएसबीटी और सराय काले खां आईएसबीटी के बीच अंतरराज्यीय बसों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

बसों के रूट भी होंगे डायवर्ट

एडवाइजरी में कहा गया है कि लाल किला, जामा मस्जिद और दिल्ली रेलवे की बसों के रूट को कम या डायवर्ट किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल के पास रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों और अस्पतालों के लिए वैकल्पिक मार्ग खुले रहेंगे।

दिल्ली मेट्रो ने भी जारी की एडवाइजरी

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने भी एडवाइजरी जारी की है। शनिवार को कहा कि 15 अगस्त को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सभी टर्मिनल स्टेशनों से सुबह 5 बजे से शुरू होंगी और सुबह 6 बजे तक 30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने की सुविधा देने के लिए ऐसा किया जा रहा है। हालांकि, 14 अगस्त की सुबह 6 बजे से मंगलवार यानी 15 अगस्त दोपहर 2 बजे तक मेट्रो स्टेशनों पर कोई पार्किंग उपलब्ध नहीं होगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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