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ममता बनर्जी को करारा झटका, ऋतब्रत बनर्जी बने LoP, TMC के बागियों को मिली मान्यता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC का अस्तित्व खतरे में आ गया है। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के टूटने की खबरें आ रही थीं। आज निष्कासित बागी विधायक ऋतब्रत को नेता प्रतिपक्ष मान लिया गया है।

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टीएमसी में बड़ी टूट, बागी 60 विधायकों को विपक्ष की मंजूरी मिली

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC का अस्तित्व खतरे में आ गया है। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के टूटने की खबरें आ रही थीं। अब आज पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने TMC के बागी विधायकों को विपक्ष बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया है। यही नहीं TMC से निष्कासित बागी विधायक ऋतब्रत को नेता प्रतिपक्ष (LoP) नियुक्त किया गया है। यानी फिलहाल मान लिया गया है कि बागी गुट ही असली TMC है।

स्पीकर रथिंद्र बोस के इस फैसले का साफ मतलब यह है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बागी विधायकों के पास विधानसभा में प्रमुख विपक्षी पार्टी घोषित किए जाने के लिए जरूरी विधायक हैं। हालांकि, TMC का बागी गुट भी ममता बनर्जी को ही अपना नेता मानता है। उनकी नाराजगी अभिषेक बनर्जी को लेकर है।

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में TMC के बागी गुट को आज विधानसभा में विपक्ष के तौर पर मान्यता मिल गई। ऋतब्रत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि उनके पास दो तिहाई यानी उनके पास 60 विधायक हैं। इस बीच खबर है कि TMC नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर ED पहुंची और उन्हें 15 जून को पेशी के लिए सम्मन दिया।

उन्होंने बताया कि आज 58 विधायकों में दस्तखत किए हैं और अब यही दल विधानसभा में प्रिंसिपल अपोजिशन है। ऋतब्रत ने बताया कि दो अन्य विधायकों का समर्थन भी उनके गुट को है, लेकिन सिग्नेचर अभी नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि अक्रज़मान उनके गुट की तरफ से पार्टी के चीफ व्हिप बनेंगे।

TMC से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी ने आज यानी बुधवार 3 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया, 'हमने अभी-अभी चिट्ठी सौंपी है। नेता प्रतिपक्ष (LoP) के लिए तय कमरा आधिकारिक तौर पर अलॉट कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष अभी वहीं बैठे हैं... हमारी इच्छा है कि ममता बनर्जी हमारी सलाहकार बनी रहें और हमें अपनी सलाह देती रहें, ताकि हम, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक के साथ मिलकर, विधानसभा के अंदर पार्टी को प्रभावी ढंग से चला सकें... उन्होंने कहा कि पार्टी की जो बुरी हालत आज हो गई है, कुछ हद तक, वह अभिषेक बनर्जी की नाकामी है। आखिर, अगर जब सब कुछ अच्छा होता है तो आप उसका श्रेय लेते हैं, तो जब चीजें गलत होती हैं तो आपको उसकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए..'

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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