दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने केंद्र पर संसद का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि सांसदों को महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों का मसौदा अब तक नहीं दिया गया है। ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेन्द्र और अमित संसद का मजाक उड़ाना जारी रखे हुए हैं। और कैसे!
उन्होंने कहा कि संसद की बैठक अगले 48 घंटे में होनी है और ’’प्रस्तावित संविधान संशोधन की प्रति अब तक किसी ने नहीं देखी’’ है। उन्होंने कहा, ’’तानाशाही ऐसी ही दिखती है। उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बड़े संवैधानिक बदलाव करने की सरकार की पहल को लेकर विपक्षी दलों की बढ़ती आलोचना के बीच यह टिप्पणी की है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले ’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के लिए मसौदा विधेयकों को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित बदलावों में लोकसभा की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करना शामिल है जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।विधायी पैकेज में अधिनियम के प्रावधानों में बदलाव के लिए एक संविधान संशोधन विधेयक शामिल किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही लोकसभा की बढ़ी संख्या के अनुरूप निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से निर्धारण के लिए परिसीमन अधिनियम में संशोधन भी प्रस्तावित है।
केंद्र का क्या है प्लान
इधर, केंद्र की मोदी सरकार 16-18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करेगी, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कहा जा रहा है कि महिला आरक्षण संशोधन बिल पर 16 अप्रैल को लोक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi on Women Reservation) बोलेंगे।
