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Women Reservation Amendment Bill: महिला आरक्षण संशोधन बिल पर 16 अप्रैल को लोक सभा में बोलेंगे पीएम मोदी

Women Reservation Amendment Bill : मोदी सरकार 16-18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करेगी, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा।

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16 अप्रैल को लोक सभा में बोलेंगे प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)

Women Reservation Amendment Bill: केंद्र की मोदी सरकार 16-18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करेगी, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कहा जा रहा है कि महिला आरक्षण संशोधन बिल पर 16 अप्रैल को लोक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi on Women Reservation) बोलेंगे।

पीएम मोदी सरकार के ऐतिहासिक कदम और महिला आरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण संशोधन बिलों पर चर्चा का जवाब देंगे। लोक सभा में सोलह और सत्रह अप्रैल को चर्चा होगी और 17 अप्रेल को लोकसभा में वोटिंग होगी।

लोक सभा में महिला आरक्षण बिलों के लिए 18 घंटे का समय

लोक सभा में महिला आरक्षण बिलों के लिए 18 घंटे का समय रखा गया है। राज्य सभा में 18 अप्रैल को चर्चा और वोटिंग होगी।राज्य सभा में दस घंटे का समय रखा गया है। राज्य सभा में सोलह और सत्रह अप्रैल को उपसभापति का चुनाव होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि अगर 2029 में लोकसभा और अन्य विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण पूरी तरह लागू होता है, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। देश की महिलाओं को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि महिलाएं कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए विधायी निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में पारित किए जाने चाहिए और इसमें और देरी दुर्भाग्यपूर्ण और भारत की महिलाओं के साथ घोर अन्याय होगी।

हमारा लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा

उन्होंने अपने निजी हैंडल X पर पोस्ट किए गए पत्र में कहा, अगर 2029 के लोकसभा चुनाव और उसी वर्ष होने वाले विभिन्न विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण पूरी तरह लागू होने के साथ आयोजित होते हैं, तो हमारा लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बेटियों को उनके हक के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार करने के लिए नहीं कहा जा सकता।

'भारत के कोने-कोने की करोड़ों महिलाओं का आशीर्वाद चाहता हूं'

पीएम मोदी ने कहा, जब हमारी विधानसभाओं में महिलाओं की आवाज मजबूत होती है, तो लोकतंत्र की आवाज भी मजबूत होती है। मैं आगामी संसद सत्र और संवैधानिक संशोधन के पारित होने के लिए आप सभी का और भारत के कोने-कोने की करोड़ों महिलाओं का आशीर्वाद चाहता हूं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक संसद सत्र में उनकी भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करें।

'महिला आरक्षण विधेयक समय की जरूरत है'

महिला आरक्षण विधेयक को समय की आवश्यकता बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सभी को इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करना चाहिए। शाह ने इसे बेहतरी के लिए एक ऐसा बदलाव बताया, जिसे निश्चित रूप से बिना किसी देरी के होना चाहिए। ’एक्स’ पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, 'महिला आरक्षण विधेयक समय की आवश्यकता है। हमारी नारी शक्ति को न्यायोचित अधिकार है कि वे नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदारी करें और राष्ट्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। मोदी सरकार इस विधेयक को प्रस्तुत करने और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।'

उम्मीद जताई कि सभी लोग इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे

उन्होंने कहा कि बेहतरी के लिए यह एक ऐसा बदलाव है, जो निश्चित रूप से बिना किसी देरी के होना चाहिए।उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी लोग इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे।संसद ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया, जिसे आम तौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जाना जाता है। यह विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान

इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है।मसौदा संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी।लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन के माध्यम से किया गया था।

वर्तमान कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा था।इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी। इसलिए, कानून में संशोधन पारित करने के लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद सत्र आहूत किया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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