Rahul Gandhi Bharat Jodo Nyay Yatra: ऐसा लगता है कि टीएमसी और कांग्रेस के बीच पैचअप हो गया है। पश्चिम बंगाल में सीट शेयरिंग के विवाद को लेकर अब तक टीएमसी नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन अब असम में जारी कांग्रेस की इस यात्रा में टीएमसी नेता जमकर नारे लगाते दिखे हैं।
टीएमसी नेता हुए राहुल गांधी के मार्च में शामिल
मंगलवार को असम में जारी राहुल गांधी का यात्रा में कुछ टीएमसी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा भी की। असम तृणमूल कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा ने कहा कि बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता यात्रा में शामिल हुए और गांधी को समर्थन दिया।
क्या बोली टीएमसी
रिपुन बोरा ने फेसबुक पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि आज राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में असम तृणमूल कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के निर्देश पर शांतिपूर्ण यात्रा में पुलिस प्रशासन ने जिस तरह निर्दोष लोगों पर लाठी बरसा कर अमानवीय अत्याचार किया है, वह निंदनीय है। हमारे तृणमूल कांग्रेस के कई कार्यकर्ता इस यातना के कारण घायल हो गए थे। ये पूरी तरह से भाजपा सरकार का तानाशाही, अलोकतांत्रिक और जंगलराज है। हम असम तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरी घटना की कड़ी निंदा की और असमिया के लोगों से आग्रह किया कि इस तानाशाही सरकार के खिलाफ खड़े हों।
असम सरकार बनाम राहुल गांधी
बता दें कि असम में राहुल गांधी की यात्रा को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में ठनी है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हमले के सबूत भी कांग्रेस दे चुकी है। वहीं असम सरकार की ओर से भी राहुल गांधी पर आरोप लगाए गए हैं। अब असम पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ हिंसा में शामिल होने के आरोप में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की। हिंसा की कथित घटनाएं उस समय हुईं, जब पार्टी समर्थकों और नेताओं ने गुवाहाटी में प्रवेश करने की कोशिश में अवरोधक तोड़ दिए और पुलिस कर्मियों के साथ झड़प की।
