Falta Repoll Results: तृणमूल कांग्रेस (TMC) महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को फालता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान की मतगणना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 राउंड की गिनती पूरी कर ली गई, जबकि 4 मई को इसी समय तक केवल 2 से 4 राउंड की मतगणना ही हो सकी थी। इस अंतर को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा गया है।
EC पर जमकर बरसे अभिषेक
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को घेरते हुए आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में फालता विधानसभा क्षेत्र से हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद पार्टी कार्यालयों में खुलेआम तोड़फोड़ की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की। बयान में कहा गया कि जिन अधिकारी पर मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे थे, उन्हें ही पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति उस समय हुई जब फालता में आचार संहिता लागू थी और मतदान प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई थी।
अभिषेक बनर्जी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''4 मई को चुनाव आयोग के तहत तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों ने कथित तौर पर मतगणना स्थल से टीएमसी और अन्य दलों के एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया, जबकि भाजपा एजेंटों को वहां रहने दिया गया।''
उन्होंने इन घटनाओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। साथ ही मांग की कि कथित रूप से शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो और मतगणना प्रक्रिया का स्वतंत्र CCTV ऑडिट कराया जाए, ताकि चुनावी नतीजों की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। उन्होंने कहा कि सच को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता है।
