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'ये गुंडाराज नहीं चलेगा...', तीस हजारी कोर्ट के कोर्टरूम में आखिर हुआ क्या, जिसपर CJI सूर्यकांत हुए नाराज?

दिल्ली की तीस हजारी जिला अदालत में कोर्ट रूम के अंदर जज की मौजूदगी में एक वकील के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां CJI सूर्यकांत ने इस पर सख्त नाराज़गी जताते हुए इसे “गुंडाराज” करार दिया। कोर्ट ने कहा कि अदालत परिसर में हिंसा कानून के राज की नाकामी है और इस पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है। CJI ने पीड़ित वकील को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखित शिकायत देने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से देखा जाएगा।

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तीस हजारी कोर्ट में मचे हंगामे पर सीजेआई सूर्यकांत हुए नाराज।

Photo : ANI

दिल्ली की तीस हजारी जिला अदालत में कोर्ट रूम के भीतर मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे कानून के राज पर सीधा हमला बताया है।

मामले की मेंशनिंग के दौरान एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब वह एक आरोपी की ओर से अदालत में पेश हो रहे थे, उसी दौरान दूसरे पक्ष के वकील कुछ लोगों के साथ जबरन कोर्ट रूम में घुस आए। आरोप है कि उस समय जज कोर्ट में मौजूद थे, इसके बावजूद वकील के साथ मारपीट की गई। पीड़ित वकील ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस ने कोई मदद नहीं की।

CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी

इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह का “गुंडाराज” किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह घटना कानून के राज की गंभीर नाकामी को दर्शाती है। CJI ने वकील को सलाह दी कि वह इस मामले में पहले दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखित शिकायत दें और उसकी एक प्रति सुप्रीम कोर्ट को भी भेजें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले को प्रशासनिक स्तर पर देखा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

7 फरवरी की बताई गई घटना

पीड़ित वकील ने बताया कि यह घटना 7 फरवरी की है और उस वक्त कोर्ट रूम में जज समेत कई न्यायिक अधिकारी मौजूद थे। इस पर CJI ने कहा कि अदालत परिसर में हिंसा होना बेहद गंभीर विषय है।

न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कोर्ट के अंदर ही वकील सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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