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दिल्ली चुनाव में Times Now का जलवा कायम, दर्शकों के अटूट भरोसे और प्यार से हासिल किया सर्वोच्च स्थान

एक तरफ देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए सियासी घमासान जारी रहा, दूसरी ओर देश का सबसे भरोसेमंद अंग्रेजी न्यूज़ चैनल 'टाइम्स नाउ' हर छोटी-बड़ी खबर को बड़ी ही बेबाकी और निष्पक्षता से देश की जनता तक पहुंचाता रहा। यही वजह है कि दिल्ली चुनाव में टाइम्स नाउ ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

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चुनावी कवरेज मतलब 'टाइम्स नाउ'

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान भारत का प्रमुख अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्स नाउ (Times Now) ने नई उड़ान भरी। दर्शकों के अटूट भरोसे और बेशुमार प्यार के दम पर टाइम्स नाउ ने मतगणना सप्ताह में 27% मार्केट शेयर का नेतृत्व किया। (स्रोत: BARC| Megacities| NCCS A 22+ Males| Wk.6 2024), चुनाव समाचार मुख्यालय के रूप में इन आंकड़ों की पुष्टि की गई है।

चैनल के शानदार कवरेज ने दर्शकों को किया आकर्षित

प्रमुख अंग्रेजी न्यूज़ चैनल के एक्सक्लूसिव प्रोग्रामिंग लाइन-अप के साथ व्यापक कवरेज ने दर्शकों को बांधे रखा। यही वो सबसे बड़ा आधार है, जिससे काउंटिंग वीक में प्राइम टाइम के दौरान टाइम्स नाउ एक लीडर बना रहा। प्राइम टाइम में जिसकी प्रभावशाली 28% दर्शक हिस्सेदारी थी (स्रोत: BARC| Megacities| NCCS A 22+ Males| Wk.6 2025, WD 2000-2300hrs)। फ्लैगशिप शो इंडिया अपफ्रंट (India Upfront) और द न्यूजआवर (The Newshour) के साथ चैनल ने रियल टाइम की खबरों और बेबाक चर्चाओं पर दर्शकों का ध्यान खींचा। टाइम्स नाउ ने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। चैनल ने बेजोड़ विश्वसनीयता और निष्पक्ष पत्रकारिता के जरिए समाचार एजेंडा निर्धारित किया।

वोटिंग के दौरान टाइम्स नाउ पर देश ने जताया भरोसा

टाइम्स नाउ ने मतदान के दिन 31% मार्केट शेयर हासिल किया (स्रोत: BARC| Megacities| NCCS A 22+ Males | February 5, 2025)। लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग, विशेषज्ञ विश्लेषण (Expert Analysis) और विशेष साक्षात्कारों (Exclusive Interviews) के साथ, चैनल ने दर्शकों का भरोसा हासिल किया। शानदार चुनाव कवरेज के जरिए दर्शकों के बीच एक अमिट छाप छोड़ी।

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टाइम्स नाउ ने चुनावी कवरेज के दौरान दर्शकों को आकर्षित किया।

टाइम्स नाउ को एग्जिट पोल के दौरान दर्शकों का प्यार मिला

दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग के बाद एग्जिट पोल (5 फरवरी, 2025) के दौरान टाइम्स नाउ ने 32% मार्केट शेयर के साथ अपना वर्चस्व बनाए रखा। (स्रोत: BARC| Megacities| NCCS A 22+ Males | February 5, 2025, 1700-2300 hrs)। विश्वसनीय कवरेज और हर एक राजनीतिक हलचल से लोगों को रूबरू कराते हुए, चैनल ने एक बार फिर चुनाव समाचारों के लिए सबसे विश्वसनीय स्रोत के रूप में अपनी पहचान को मजबूती से स्थापित किया।

दिल्ली दंगल: ग्राउंड जीरो सर्वे, पब्लिक मंच, नेशनल डिबेट सहित कई दमदार और असरदार प्रोग्रामिंग के दम पर टाइम्स नाउ ने चुनावी सप्ताह में शानदार प्रदर्शन किया और चुनावी कवरेज के दौरान देश के सबसे भरोसेमंद न्यूज चैनल के रूप में अपना दबदबा बनाए रखा। अनुभवी पत्रकारों की बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता के आधार पर चैनल ने दर्शकों के प्यार को जरा भी फीका नहीं पड़ने दिया। आखिरकार एक बार फिर इस बात पर मुहर लग चुकी है कि टाइम्स नाउ चुनावी कवरेज के लिए देश की पहली पसंद है।

टाइम्स नाउ के बारे में

टाइम्स नाउ एक दशक से अधिक समय से भारत का नंबर 1 अंग्रेजी समाचार चैनल है। यह एक ऐसा चैनल है जो दर्शकों तक समाचार और रिपोर्टिंग पहुंचाने में विश्वसनीयता और निष्पक्ष दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। सीधा, सटीक और बेबाक अंदाज के साथ अपनी पत्रकारिता के दम पर समाचार की दुनिया में टाइम्स नाउ देश की सबसे असरदार आवाज़ है। इसकी विशिष्ट शैली और निडर दृष्टिकोण इसे दूसरों से अलग बनाता है। टाइम्स नाउ दुनिया भर के 100 देशों में दर्शकों से जुड़ता है। अधिक जानकारी के लिए देखें - www.timesnownews.in

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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