Times Drive Auto Summit: टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट एंड अवार्ड 2026 (Times Drive Auto Summit and Awards 2026) के मंच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने ही अंदाज में नजर आए। इस दौरान उनसे एक दिलचस्प किस्से के बारे में पूछा गया, और इसके जवाब ने वहां मौजूद लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। क्या था ये किस्सा जानते हैं।
गडकरी ने किस्सा सुनाते हुए कहा, मैं एमएसमई मंत्री था, मैंने रेलवे को कहा कि मिट्टी का जो कुल्हड़ होता है, वो मेंडेटरी (अनिवार्य) करो। फिर मैंने हवाई जहाज की कंपनियों को बुलाया। मैंने कहा स्टील के चम्मच की जगह, असम में एमएसमई के बांस के चम्मच बनाए। वो बोले हम चमचे चाइना से बुलाते हैं। मैंने कहा भैया, हमारे देश में चमचों की कमी है (इस पर जमकर ठहाके लगते हैं), आप चाइना से ले रहे हैं। हम हैं ना। हर चमचा इतना होशियार आदमी होता है, जिस दिन प्याले में चीनी डाल दो, वो दौड़ कर आता है। मैंने कहा कि हमने 7 यूनिट असम में खड़े किए। आज इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट सबमें बांबू के चमचे-कांटे मिलते हैं।
गडकरी ने और क्या-क्या कहा?
इस दौरान गडकरी ने कहा, सपने दिखाने वाले लोगों को लोग बहुत पसंद करते हैं। जो सपने पूरे नहीं करते, उनकी खुलकर पिटाई भी करते हैं। सपने दिखाना आसान है, लेकिन पूरा करना मुश्किल है। मैं बहुत पंक्चुअल हूं, जो काम होता है तो हां कहता हूं, नहीं होता है तो नहीं कहता हूं। मेरे में हिम्मत है, मैंने अपने संसदीय क्षेत्र में कहा था कि एजेंडा मेरा होगा, जो मुझे सही लगेगा करूंगा। जो वोट देगा उसका भी काम करूंगा, जो नहीं देगा उसका भी करूंगा, पर चलेगी मेरी। देना है तो दो वोट, नहीं तो मत दो। मुझे फर्क नहीं पड़ता, लोगों ने वोट दिया।
गडकरी ने कहा, इसका यही कारण है कि जो कहना और बोलना है वही करना है। मैंने जो अभी तक किया उसका कभी एडवरटाइजमेंट नहीं किया है। केवल दिल्ली एनसीआर में 1 लाख 60 हजार करोड़ की रोड बना रहा हूं। लेकिन मुझ पर एक अन्याय होता है। उसका कभी फायदा नहीं मिलता है। रोड कोई भी बनाए, गड्ढा कहीं भी हो, लोग गडकरी को गाली देते हैं।
मैं ट्रांसपेरेंट हूं, टाइम बाउंड हूं, रिजल्ट ओरिएंडेट हूं, ठेकेदार मेरे नाम से डरते हैं। हमारा एक व्हीकल पूरे रोड की क्वालिटी डिटेल लाता है। गड्ढे कितने हैं, क्वालिटी क्या है, अतिक्रमण कहां है, मैंने अभी गुजरात और तमिलनाडु का दौरा किया था, अधिकारी डर गए थे। रोड कहां खराब हुआ, मुझे सब पता चल गया, मैंने पूछा क्यों नहीं किया। इससे बहुत मदद मिलती है।
