जलंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में शनिवार देर रात छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न और इसके बाद उसकी मौत से जुड़े दावों के सामने आने के बाद शुरू हुआ। बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुटे और मामले में कार्रवाई की मांग की। छात्रों का विरोध प्रदर्शन सुबह भी जारी है। रात में हंगामे और तोड़फोड़ के बाद छात्रों ने सुबह दोबारा चंडीगढ़-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए जा रहे इन दावों की अभी तक पुलिस या यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में कथित घटना और मौत से जुड़ी जानकारी को लेकर आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार है।
कपूरथला के एसएसपी ने बताया कि करीब 3-4 दिन पहले एक छात्र ने आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा कि छात्र के माता-पिता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। एसएसपी के मुताबिक, छात्रों का दावा है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं दी गई थी। वहीं, दुष्कर्म से जुड़े दावों पर एसएसपी ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शनकारी छात्र इसी घटना का जिक्र कर रहे हैं या किसी अन्य मामले की बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्र की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी ने दावों को बताया झूठा और मनगढ़ंत
वहीं, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने इन दावों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक बयान जारी कर कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए झूठी और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं, जिससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, सोशल मीडिया और अन्य चैनलों के जरिए जिस तरह से कथित तौर पर गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, वह विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है।
रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रसारित की जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे ऐसी खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे प्रसारित या बढ़ावा दें।
‘आधिकारिक चैनलों से मिली जानकारी पर करें भरोसा’
एलपीयू ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि वे किसी भी जानकारी की पुष्टि किए बिना सोशल मीडिया पोस्ट या अन्य माध्यमों से मिली खबरों को शेयर न करें। यूनिवर्सिटी ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक चैनलों के जरिए जारी की गई सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कैंपस में जुटे छात्र
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि छात्रा का गर्ल्स हॉस्टल क्षेत्र में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि इसके बाद छात्रा ने आत्महत्या कर ली। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी पर भी कथित भूमिका के आरोप लगाए गए हैं। इन दावों के सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में एकत्र हुए और मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान हंगामा, हाईवे भी हुआ जाम
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कैंपस में छात्रों के विरोध और कथित झड़पों के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और यूनिवर्सिटी की कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर भी जाम की स्थिति बन गई। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित होने की खबर है।
पुलिस के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन में करीब 2,000 छात्र शामिल हुए थे। प्रदर्शन की शुरुआत गर्ल्स हॉस्टल के पास हुई। इसके बाद छात्रों ने कथित तौर पर कैंपस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, खिड़कियों के शीशे तोड़ने और ईंट व गमले फेंकने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस के अनुसार, कैंपस की कुछ इमारतों के हिस्सों में आग भी लगाई गई।
