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'रोड कोई भी बनाए, गड्ढा कहीं भी हो, लोग गडकरी को गाली देते हैं', मंत्री का छलका दर्द , क्यों कहा ऐसा?

Times Drive Summit: गडकरी ने कहा, जो वोट देगा मैं उसका भी काम करूंगा, जो नहीं देगा उसका भी करूंगा, पर चलेगी मेरी। देना है तो दो वोट, नहीं तो मत दो। मुझे फर्क नहीं पड़ता, लोगों ने वोट दिया।

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Times Drive पर नितिन गडकरी

Nitin Gadkari: टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट एंड अवार्ड 2026 (Times Drive Auto Summit and Awards 2026) के मंच पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान गडकरी ने अपना दर्द भी बयां किया। गडकरी ने कहा, रोड कोई भी बनाए, गड्ढा कहीं भी हो, लोग गडकरी को गाली देते हैं। साथ ही बताया कि वह किस अंदाज में बात कर रहे हैं और आगे भी बिना प्रचार किए अपना काम करते रहेंगे।

सपने दिखाना आसान है, लेकिन पूरा करना मुश्किल

इस दौरान गडकरी ने कहा, सपने दिखाने वाले लोगों को लोग बहुत पसंद करते हैं। जो सपने पूरे नहीं करते, उनकी खुलकर पिटाई भी करते हैं। सपने दिखाना आसान है, लेकिन पूरा करना मुश्किल है। मैं बहुत पंक्चुअल हूं, जो काम होता है तो हां कहता हूं, नहीं होता है तो नहीं कहता हूं। मेरे में हिम्मत है, मैंने अपने संसदीय क्षेत्र में कहा था कि एजेंडा मेरा होगा, जो मुझे सही लगेगा करूंगा। जो वोट देगा उसका भी काम करूंगा, जो नहीं देगा उसका भी करूंगा, पर चलेगी मेरी। देना है तो दो वोट, नहीं तो मत दो। मुझे फर्क नहीं पड़ता, लोगों ने वोट दिया।

गड्ढा कहीं भी हो, लोग गडकरी को गाली देते हैं...

इसका यही कारण है कि जो बोलना है वही करना है। मैंने जो अभी तक किया, उसका कभी एडवरटाइजमेंट नहीं किया है। केवल दिल्ली एनसीआर में 1 लाख 60 हजार करोड़ की रोड बना रहा हूं। लेकिन मेरे साथ एक अन्याय होता है। उसका कभी फायदा नहीं मिलता है। रोड कोई भी बनाए,

गडकरी ने कहा, मैं ट्रांसपेरेंट हूं, टाइम बाउंड हूं, रिजल्ट ओरिएंडेट हूं, ठेकेदार मेरे नाम से डरते हैं। हमारा एक व्हीकल पूरे रोड की क्वालिटी डिटेल लाता है। गड्ढे कितने हैं, क्वालिटी क्या है, अतिक्रमण कहां है, मैंने अभी गुजरात और तमिलनाडु का दौरा किया था, अधिकारी डर गए थे। रोड कहां खराब हुआ, मुझे सब पता चल गया, मैंने पूछा क्यों नहीं किया।इस बार बरसात में पिछले साल से काफी कम गलियां खाऊंगा।

गडकरी ने कहा, अब इस देश में महानगर पालिका की रोड है, डीडीए की रोड है, स्टेट की रोड है, डिस्ट्रिक्ट की रोड है, ग्राम पंचायत की रोड है और इन सबमें मैं केवल राष्ट्रीय महामार्गों के लिए जिम्मेदार हूं। पर लोग मुझे सबके लिए जिम्मेदार समझते हैं। और कोई भी रोड बनाए, महाराष्ट्र में समृद्धि महामार्ग बना, मुझे हजारों मैसेज आए, बहुत अच्छा, बहुत सुंदर, लेकिन मैंने बनाया ही नहीं उसकी बधाई देते हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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