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आतंकवाद का समर्थन करने वालों को जड़ से उखाड़ फेंका, अमित शाह बोले- 370 हटने के बाद से पत्थरबाजी होती है क्या?

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 4, 2022, 06:57 PM IST

जम्मू कश्मीर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू में कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से पहले पत्थरबाजी की घटनाएं होती थीं। क्या अब ऐसी घटनाएं होती हैं? जो आतंकवाद का समर्थन कर रहे थे और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर दौर पर

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के 3 परिवारों की पहचान करना जरूरी है।
  • इन्होंने जम्मू-कश्मीर के विकास के बजाय अलगाववाद को साथ दिया।
  • अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने जम्मू में कहा कि पहले पथबाजी (Stone pelting) की घटनाएं होती थीं, क्या आपने अब ऐसी कोई घटना देखी है? अब ऐसी कोई घटना नहीं होती है। अब जो बदलाव आया है हमें उसे समझना होगा। हमने प्रशासन में उन लोगों की पहचान की है जो आतंकवाद (Terrorism) का समर्थन कर रहे थे और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका है।

अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, जम्मू-कश्मीर के लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। जब लोग बदलाव का स्वागत करते हैं तो लोकतंत्र मजबूत होता है। जम्मू-कश्मीर के 3 परिवारों की पहचान करना महत्वपूर्ण है जिन्होंने विकास के बजाय अलगाववाद को पोषित किया। पीएम मोदी ने उन युवाओं को कंप्यूटर और रोजगार दिया, जिनके हाथ में पहले (पत्थरबाजी के लिए) पत्थर थे।

उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में रिकॉर्ड तोड़ 50 लाख पर्यटक जम्मू आए हैं और 22 लाख पर्यटक कश्मीर गए हैं। पर्यटन से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बड़ा फायदा होगा। आज जम्मू में विकास को गति देनी वाली करीब 1960 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हो रहा है। आजादी के 70 सालों में जम्मू एवं कश्मीर में केवल 15 हजार करोड़ रुपए का ही निवेश आया था लेकिन 2019 से अब तक करीब 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है।

उन्होंने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत को तीन परिवारों से निकाल कर 30 हजार पंचायती सदस्यों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया है। पहले परिसीमन सिर्फ 3 परिवारों के फायदे के लिए था, आजादी के बाद पहली बार अब सही मायने में जम्मू-कश्मीर में परिसीमन हुआ है जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिला है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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