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Modi 3.0 Cabinet: मोदी मंत्रिमंडल की शान बढ़ायेंगे ये 'पूर्व मुख्यमंत्री', संभालेंगे केंद्रीय मंत्रालय की कमान

Formar CM Now Cabinet Minister: मोदी सरकार 3.0 का शपथग्रहण समारोह हो गया है, इसमें जिन मंत्रियों ने शपथ ली है उसमें 6 पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं।

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मोदी मंत्रिमंडल की शान बढ़ायेंगे ये 'पूर्व मुख्यमंत्री'

Formar CM Now Cabinet Minister: मोदी सरकार ने इतिहास रच दिया है, तीसरे कार्यकाल के लिए पीएम मोदी ने कई मंत्रियों के साथ शपथ ली, खास बात ये है कि इस मंत्रिमंडल में 6 पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, ये हैं-राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, सर्वानंद सोनोवाल, एचडी कुमार स्वामी, जीतन राम मांझी ये सब केंद्रीय मंत्री बन गए हैं।

बता दें कि खुद पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, वहीं इस बार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, असम के पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी भी केंद्रीय मंत्री बन गए हैं।

एच डी कुमारस्वामी ने मंत्रिमंडल में जगह बनाकर राजनीतिक सूझबूझ का किया प्रदर्शन

कर्नाटक के दो बार के मुख्यमंत्री और पांच बार के विधायक रहे जनता दल (सेक्युलर) नेता एच डी कुमारस्वामी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह बनाकर एक बार फिर अपनी राजनीतिक सूझबूझ का प्रदर्शन किया है।वह ऐसे समय केंद्र सरकार का हिस्सा बने हैं जब पिछले साल सितंबर में ही जद (एस), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुई थी।

जद(एस) की स्थापना 1999 में हुई थी और तब से अबतक वह अपने दम पर कर्नाटक की सत्ता में नहीं आई, लेकिन कनिष्ठ साझेदार होने के बावजूद दोनों राष्ट्रीय दलों- भाजपा और कांग्रेस, के साथ गठबंधन में दो बार सत्ता में रही। जद (एस) फरवरी 2006 से 20 महीने तक भाजपा के साथ और मई 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद 14 महीने तक कांग्रेस के साथ सरकार में रही और दोनों ही मौकों पर कुमारस्वामी मुख्यमंत्री रहे।

राजनाथ सिंह यूपी के एक सर्वोत्कृष्ट जमीनी नेता; मृदुभाषी एवं कुशल प्रशासक

एक रणनीतिकार और जमीनी स्तर से जुड़े एक सर्वोत्कृष्ट नेता राजनाथ सिंह को नब्बे और उसके बाद के दशकों में हिंदी पट्टी के राज्य उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक नेटवर्क का विस्तार करने का श्रेय दिया जाता है।भौतिकी के प्रोफेसर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार में देश के रक्षा मंत्री तक का महत्वपूर्ण सफर तय करने वाले राजनाथ भाजपा के ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जिनकी पहचान कुशल प्रशासक और राजनीतिक शुचिता का सम्मान करने वाले परिपक्व नेता के रूप में होती है।पार्टी में उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लाल कृष्ण आडवाणी के बाद वह ऐसे नेता हैं जिन्होंने दो अलग-अलग कार्यकाल के लिए पार्टी की कमान संभाली है। उन्होंने वाजपेयी के संसदीय क्षेत्र लखनऊ से लगातार चार बार विजय प्राप्त की।

जीतन राम मांझी की मेहनत रंग लाई, अस्सी की उम्र में बने केंद्रीय मंत्री

बिहार की राजनीति में एक मजबूत ताकत रहे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी की मेहनत रंग लाई और वह करीब 80 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने में कामयाब रहे।मांझी का उदय किसी असाधारण घटना से कम नहीं है। वर्ष 2014 और 2019 में दोनों बार उन्होंने गया लोकसभा सीट से शिकस्त खाई, लेकिन इस बार उन्होंने जीत दर्ज करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रि़परिषद में कैबिनेट मंत्री का पद सुरक्षित किया। वह 2014 में जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते हुए तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि 2019 में उन्होंने अपनी पार्टी 'हम (एस)' के बैनर तले असफल प्रयास किया।उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इस बार उन्हें जीत नसीब हुई।मांझी की राजनीतिक यात्रा में उस समय नाटकीय मोड़ आया जब 2014 में नीतीश कुमार ने अप्रत्याशित रूप से उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जद (यू) के खराब प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद दलित समुदाय से आने वाले मांझी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया था।

शिवराज सिंह चौहान ने संभाला मध्य प्रदेश अब बने केंद्रीय मंत्री

भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने पिछले साल पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने से वंचित होने के बाद दरकिनार किए जाने के अपने आलोचकों के दावे को गलत साबित करते हुए छठी बार मध्य प्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट 8.21 लाख मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीती। रविवार को उन्होंने पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली।'मामाजी' के नाम से मशहूर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने विनम्र एवं मिलनसार स्वभाव के कारण अपने मित्रों ही नहीं विरोधियों में भी पसंद किए जाते रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी में वे उन चंद नेताओं में शामिल हैं जिनके पास काफी लंबे समय इतने बड़े राज्य को चलाने का प्रशासनिक कौशल रहा है।चौहान ने चार जून को घोषित आम चुनाव 2024 के परिणामों में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को आठ लाख 21 हजार के भारी अंतर से पराजित कर विदिशा लोकसभा सीट जीती।

छात्र नेता से लेकर मोदी मंत्रिमंडल में तीसरी बार मंत्री बनने तक का सफर

असम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल केंद्र में नरेन्द्र मोदी-नीत मंत्रिपरिषद में तीसरी बार रविवार को शामिल किये गए।सोनोवाल 2014 से दो साल तक खेल और युवा कल्याण राज्य मंत्री थे। असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की पटकथा लिखने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पूर्वोत्तर के एकमात्र प्रतिनिधि थे।हालांकि, वह बाद में मुख्यमंत्री पद त्याग कर 2021 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बने थे।

मनोहर लाल खट्टर 2014 में हरियाणा के मुख्यमंत्री बने अब केंद्रीय मंत्री

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक समय कार्यकर्ता रहे मनोहर लाल खट्टर 2014 में हरियाणा के मुख्यमंत्री बने और 10 साल बाद चुनाव से ऐन पहले उनके करीबी नायब सिंह को उनकी जगह राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।खट्टर 1977 में आरएसएस के स्थायी सदस्य बने और 1994 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्य बनने से पहले 17 साल तक संघ के साथ जुड़े रहे।वर्ष 2014 में वह पहली बार विधायक बने और भाजपा ने उन्हें हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया। दस साल बाद, मार्च 2024 में, उनकी जगह उनके करीबी नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया, ताकि उन्हें (खट्टर) संसद सदस्य बनने का मौका मिल सके।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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