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सैफ अली खान पर चाकू से हमला करने वाला सीढ़ियों के रास्ते आया था; जांच में खुल रही है एक-एक परत

Saif Ali Khan Attacked Case Update: सैफ अली खान पर चाकू से हमला करने वाला आखिर घर के अंदर कैसे घुसा, वो 11वीं मंजिल तक कैसे पहुंचा? ऐसे तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए मुबंई पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है। अब तक की जांच में ये बताया जा रहा है कि 11वीं मंजिल तक पहुंचने के लिए हमलावर ने शाफ्ट और सीढ़ियों का इस्तेमाल किया।

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सैफ अली खान की हालत अब कैसी है?

Mumbai: फिलहाल सैफ अली खान ‘‘खतरे से बाहर’’ हैं। लेकिन सवाल यही है कि आखिर हमलावर बिल्डिंग के अंदर, 11वीं मंजिल तक और सैफ के घर में कैसे दाखिल हुआ? बांद्रा पुलिस अभिनेता सैफ अली खान के घर की छत पर फर्श का काम कर रहे दो व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। बुधवार देर रात मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता सैफ अली खान के घर में घुसकर एक हमलावर ने उन पर चाकू से कई बार वार किया, जिसमें वह घायल हो गए। लीलावती अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि सैफ (54) आपातकालीन सर्जरी के बाद ‘‘खतरे से बाहर’’ हैं।

लेआउट से परिचित था सैफ पर हमला करने वाला आरोपी

अधिकारियों को संदेह है कि खान पर हमला करने वाला आरोपी इमारत के लेआउट से परिचित था और 11वीं मंजिल तक पहुंचने के लिए शाफ्ट और सीढ़ियों का इस्तेमाल किया, जहां खान अपने परिवार के साथ रहते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने इमारत में प्रवेश करने और 11वीं मंजिल तक पहुंचने के लिए शाफ्ट और सीढ़ियों दोनों का इस्तेमाल किया। उसे परिसर के बारे में पहले से जानकारी थी। जांच की जा रही है कि अभिनेता की घर की छत पर काम करने वाले व्यक्तियों का घटना से कोई संबंध है या नहीं।

ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचने के लिए किया शाफ्ट का इस्तेमाल

मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध को आखिरी बार इमारत की छठी मंजिल पर भागते समय देखा गया था और प्रवेश करते या बाहर निकलते समय लॉबी के सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुआ था ।ऐसा लगता है कि संदिग्ध ने छठी मंजिल पर उतरने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल किया, जहां वह उनके फ्लैट के बाहर एक रेसिडेंस ने लगाए कैमरे में कैद हो गया। छठी मंजिल के बाद, संदिग्ध को कहीं नहीं देखा गया, न ही उसे मुख्य प्रवेश द्वार से बाहर निकलते हुए पकड़ा गया। मुंबई पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचने के लिए फिर से शाफ्ट का इस्तेमाल किया और पीछे के रास्ते से बाहर निकल गया, जो सीसीटीवी कैमरों की पहुंच में नहीं है।

सैफ अली खान पर यह हमला कल रात करीब 2.30 बजे सतगुरु शरण इमारत की 12वीं मंजिल पर स्थित उनके अपार्टमेंट में अभिनेता के छोटे बेटे जेह के कमरे के बाहर हुआ। पूरा परिवार- सैफ, उनकी पत्नी एवं अभिनेत्री करीना कपूर, दंपती के चार वर्षीय बेटे जेह और आठ वर्षीय तैमूर... अपने पांच घरेलू सहायकों के साथ 12वीं मंजिल के अपार्टमेंट में थे।

हमलावर को पकड़ने के लिए पुलिस ने गठित की 20 टीम

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर बुधवार रात मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट में चाकू से हमला करने वाले व्यक्ति का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने 20 टीम गठित की हैं तथा उसकी तलाश के लिए मुखबिरों के अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस इमारत के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें एक व्यक्ति लकड़ी की छड़ी और एक लंबा ‘हेक्सा ब्लेड’ लेकर भागता हुआ दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने बताया कि रात दो बजकर 33 मिनट की सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध युवक का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इमारत की छठी मंजिल पर सीढ़ियों से उतरते समय वह भूरे रंग की कॉलर वाली टी-शर्ट और लाल गमछा पहने हुए दिखाई दे रहा है।

हमला कल रात करीब 2:30 बजे सतगुरु शरण इमारत की 12वीं मंजिल पर स्थित अभिनेता के अपार्टमेंट में उनके छोटे बेटे जेह के कमरे के बाहर हुआ। सैफ, उनकी पत्नी एवं अभिनेत्री करीना कपूर, चार वर्षीय बेटे जेह और आठ वर्षीय तैमूर समेत पूरा परिवार अपने पांच घरेलू सहायकों के साथ 12वीं मंजिल के अपार्टमेंट में था। एक अधिकारी ने बताया कि फुटेज और अन्य सुरागों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने हमलावर की तलाश शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर ने भागने से पहले कपड़े बदले होंगे। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घरेलू सहायिका एलियामा फिलिप, घरेलू सहायकों, इमारत के गार्ड के बयान दर्ज किए हैं और कुछ लोगों से पूछताछ की है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने 20 टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांच दल हमलावर को पकड़ने के लिए मुखबिरों की मदद ले रहे हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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