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लड़ाई जारी रहेगी, चाहे हमें कितनी भी कुर्बानी देनी पड़े- वक्फ लॉ पर बोले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने केंद्र सरकार से वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि “वक्फ इस्लामी कानून का एक मौलिक हिस्सा है, जो कुरान और हदीस (पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं) से लिया गया है और यह अन्य दूसरी इबादत की तरह एक धार्मिक कार्य है।”

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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी

वक्फ कानून को लेकर देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मुस्लिम संगठन भी इस मामले को लेकर अपना विरोध जता चुके हैं। अब जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने कहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर लड़ाई जारी रहेगी। इस कानून के खिलाफ लड़ाई बंद नहीं होगी।

महमूद मदनी का बयान

वक्फ संशोधन अधिनियम पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने कहा- "लड़ाई जारी रहेगी, खत्म नहीं होगी, चाहे हमें कितनी भी कुर्बानी देनी पड़े। हमने (भारत की) आजादी से पहले भी कुर्बानियां दी हैं। अगर हमें लड़ना है तो हम लड़ेंगे। अगर हमें इंतजार करना है तो हम इंतजार करेंगे। हम न्याय का इंतजार कर रहे हैं, इस देश के लोग खूबसूरत हैं, बुरे नहीं, सिर्फ कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं... हम इसमें अकेले नहीं हैं...।"

मुर्शिदाबाद के लिए सरकार जिम्मेदार- नियाज अहमद फारूकी

वहीं वक्फ संशोधन अधिनियम पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के सचिव नियाज अहमद फारूकी ने कहा- यह लोकतंत्र बनाम तानाशाही है...हमारी स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है और हमारी आवाज को दबाया जा रहा है...हम कोई हिंसा नहीं करेंगे और हिंसा नहीं होने देंगे। मुर्शिदाबाद में जो हुआ उसके लिए सरकार जिम्मेदार है। अगर आप लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध नहीं करने देंगे, तो यही होगा...वक्फ संशोधन अधिनियम से बिल्डरों को फायदा होगा..."

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक

बता दें कि प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम) ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर संविधान और उसकी मूल अवधारणा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए वक्फ (संशोधन) अधिनियम को वापस लेने की रविवार को मांग की। बयान के मुताबिक, संगठन ने केंद्र पर वक्फ (संशोधन) कानून के जरिए मुस्लिमों को “दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने का संगठित और कुत्सित प्रयास” करने का भी आरोप लगाया। जमीयत प्रमुख मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में हुई संगठन की कार्य समिति की बैठक में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया और दावा किया गया कि यह संशोधित कानून संविधान के कई अनुच्छेदों का उल्लंघन करता है और “वक्फ के मूल ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी है।”

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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