मणिपुर में फिर हिंसा, उखरुल में उग्रवादियों ने कई घरों को किया आग के हवाले, तनाव का माहौल
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 9, 2026, 01:08 PM IST
सोमवार की आधी रात के आसपास, लिटान सारेइखोंग में तंगखुल नागा समुदाय के कई घरों में कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने आग लगा दी। अधिकारियों ने बताया कि पास के ही एक इलाके में कुकी समुदाय के कुछ लोगों के घरों में भी आग लगा दी गई।
उग्रवादियों ने मणिपुर के उखरूल में कई घर जलाए (File Photo)
मणिपुर में एक बार फिर भारी हिंसा हुआ है। यहां उखरुल जिले में सशस्त्र उग्रवादियों ने कई घरों में आग लगा दी जिससे इलाके में तनाव तब बढ़ गया है। इसी शुरुआत तब हुई जब तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर कुछ लोगों ने हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम को जिले के लिटान गांव में दो आदिवासी समूहों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी।
कुकी उग्रवादियों ने तंगखुल नागा समुदाय के कई घरों में आग लगाई
सोमवार की आधी रात के आसपास, लिटान सारेइखोंग में तंगखुल नागा समुदाय के कई घरों में कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने आग लगा दी। अधिकारियों ने बताया कि पास के ही एक इलाके में कुकी समुदाय के कुछ लोगों के घरों में भी आग लगा दी गई। तंगखुल मणिपुर की सबसे बड़ी नागा जनजाति है। लिटान सारेइखोंग एक कुकी गांव है। एक जिला अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, आज सुबह मैंने आरआईएमएस अस्पताल का दौरा किया और उखरुल जिले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण लिटान घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, गलतफहमी से उपजे इस घटनाक्रम पर अब काबू पा लिया गया है। मैं सभी समुदायों से संयम बरतने, कानून का पालन करने और शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं।
घरों और वाहनों में आग लगाते दिखेे उग्रवादी
वीडियो फुटेज वायरल हो रहे हैं जिनमें हथियारबंद लोग गांव में घरों और वाहनों में आग लगाते और छलावरण वाले कपड़े पहने उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों से हवा में फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। पीटीआई वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। अधिकारी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के लिए महादेव, लम्बुई और शांगकाई और लिटान की ओर जाने वाले अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार शाम को लिटान सारेइखोंग गांव में दो आदिवासी समूहों के बीच हुई झड़प को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। उखरुल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि तंगखुल नागा और कुकी समुदायों के सदस्यों के बीच तनाव के कारण गांव में शांति और सद्भाव भंग होने की आशंका है।
शांति की कोशिशें नाकाम रहीं
डीएम आशीष दास ने अधिसूचना में कहा कि रविवार शाम 7 बजे से अगले आदेश तक किसी भी व्यक्ति का अपने घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि यह आदेश सरकारी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर लागू नहीं होगा। शनिवार रात लिटान गांव में सात से आठ लोगों द्वारा कथित तौर पर तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर हमला किए जाने के बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित पक्ष और लिटान सरेइखोंग के मुखिया के बीच मामले को सुलझा लिया गया था और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से पारंपरिक तरीकों से मामले को सुलझाने का फैसला किया था, जिसके लिए रविवार को बैठक निर्धारित की गई थी। हालांकि, बैठक नहीं हुई। इसके बजाय, उन्होंने बताया कि पास के सिकिबुंग गांव के ग्रामीणों के एक समूह ने कथित तौर पर लिटान सरेइखोंग के मुखिया के आवास पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने लिटान पुलिस स्टेशन के पास से गुजरते हुए कथित तौर पर सात राउंड गोलियां भी चलाईं।
(पीटीआई)
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