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TCS Nashik Case: धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर टीसीएस ने क्या लिया एक्शन? सीईओ के. कृतिवासन ने बताया

TCS Nashik Case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक इकाई में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसे इस मामले में आंतरिक स्तर पर कोई शिकायत नहीं मिली है।

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TCS के CEO और MD के. कृतिवासन (फोटो- IIT Kanpur)

TCS Nashik Case: आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services- TCS) ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित अपनी यूनिट में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन (CEO K. Krithivasan) ने स्पष्ट किया कि इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों के माध्यम से इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

स्वतंत्र जांच के लिए विशेषज्ञ टीम नियुक्त

एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं ली हैं। टीसीएस ने स्वतंत्र सलाहकार के रूप में Deloitte और प्रमुख लॉ फर्म Trilegal को नियुक्त किया है। यह जांच टीसीएस की प्रेसिडेंट और COO आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में की जा रही है। इसके अलावा, जांच की निगरानी के लिए एक ओवरसाइट कमेटी भी बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता कंपनी के स्वतंत्र निदेशक Keki Mistry कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट इसी समिति को सौंपी जाएगी, जो आगे की कार्रवाई और सिफारिशों पर निर्णय लेगी।

Public statement by Mr K Krithivasan

के. कृतिवासन का स्टेटमेंट

नासिक यूनिट बंद होने की खबरों का खंडन

CEO के. कृतिवासन ने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया, जिनमें नासिक यूनिट के बंद होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नासिक स्थित यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही है और अपने ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस महिला कर्मचारी निदा खान का नाम मीडिया में एचआर मैनेजर के रूप में लिया जा रहा है, वह न तो एचआर मैनेजर थीं और न ही भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदार थीं। वह केवल एक प्रोसेस एसोसिएट के रूप में कार्यरत थीं और उनके पास कोई नेतृत्वकारी जिम्मेदारी नहीं थी।

कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता

TCS ने अपने बयान में दोहराया कि कंपनी कर्मचारियों के कल्याण और संस्थागत आचरण के उच्चतम मानकों का पालन करती है। कंपनी ने किसी भी प्रकार के दबाव, धर्मांतरण या दुराचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही है। कंपनी ने यह भी बताया कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है, ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके और सच्चाई सामने आ सके।

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Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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