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TCS नासिक केस पर बोले एन चंद्रशेखरन, कहा- मामला गंभीर और पीड़ादायक, आंतरिक जांच तेज

TCS नासिक मामले में सामने आए यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों ने कॉरपोरेट जगत में चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने जांच तेज कर दी है और चेयरमैन ने सख्त कार्रवाई तथा जीरो टॉलरेंस पॉलिसी दोहराई है।

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एन चंद्रशेखरन ने बताया कंपनी ऐसे मामलों पर सख्त

TCS नासिक केस को लेकर Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने सख्त बयान जारी किया है। TCS की नासिक शाखा से सामने आए यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा, यह मामला गंभीर और पीड़ादायक है। इसके साथ ही उन्होंने सख्त जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

‘गंभीर और पीड़ादायक’ मामला, कंपनी सख्त

Tata Consultancy Services (TCS) की नासिक शाखा में सामने आए आरोपों पर चेयरमैन चंद्रशेखन ने एक समाचार एजेंसी से कहा कि यह मामला “गंभीर और पीड़ादायक” है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि कंपनी इसे बेहद गंभीरता से ले रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए व्यापक जांच शुरू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि कंपनी ने जांच की जिम्मेदारी TCS की COO आरती सुब्रमण्यम को सौंपी गई है। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया सीनियर मैनेजमेंट की निगरानी में चल रही है। TCS ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। चंद्रशेखरन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, इस मामले में टाटा ग्रुप की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू रहेगी और जरूरत पड़ने पर प्रोसेस में सुधार तथा सुधारात्मक कदम भी तुरंत लागू किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

क्या है पूरा मामला?

धर्मांतरण के इस मामले में अब तक 8 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है। इन महिलाओं की तरफ से लगाए गए आरोपों में यौन उत्पीड़न, अनुचित स्पर्श, आपत्तिजनक टिप्पणियां, पीछा करना और मानसिक दबाव जैसी गंभीर बातें शामिल हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाएं 2022 से 2026 के बीच हुईं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

जीरो टॉलरेंस

कंपनी की तरफ से दी गई आधिकारिक जानारी के मुकाबले इस मामले की जांच की आरती सुब्रमण्यम कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सिस्टम में सुधार भी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इसके साथ ही टाटा ग्रुप ने एक बार फिर अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी दोहराई है। बयान में कहा गया है कि किसी भी तरह का उत्पीड़न या दुराचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कंपनी जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है।

आरोपियों की गिरफ्तारी, पुलिस जांच जारी

इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें Asif Ansari, Shafi Shaikh, Shahrukh Qureshi, Raza Memon और Tausif Attar शामिल हैं। एक अन्य कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया है। अदालत ने आरोपियों की पुलिस कस्टडी 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है ताकि जांच पूरी की जा सके। यह मामला एक महिला कर्मचारी की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने आरोप लगाया कि एक सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाया। जांच आगे बढ़ने पर सात और महिलाएं सामने आईं, जिन्होंने इसी तरह के अनुभव साझा किए।

कॉरपोरेट गवर्नेंस पर उठे सवाल

इस घटना ने कॉरपोरेट सेक्टर में वर्कप्लेस सेफ्टी और गवर्नेंस को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच कितनी तेजी और पारदर्शिता से पूरी होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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