Fuel Price Hike: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'अस्वीकार्य' बताया तथा इस बढ़ोत्तरी से समाज के विभिन्न वर्गों पर असर पड़ने का दावा करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियां कच्चे तेल की वैश्विक दरों के अनुरूप कीमतें कम नहीं करती हैं और मुनाफा कमाती हैं।
तेल कंपनियों पर बरसे विजय
विजय ने एक बयान में कहा, ''केंद्र सरकार की तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। यह स्वीकार्य नहीं है।'' उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी ''पांच राज्यों (चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश) के चुनावों'' के बाद की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मूल्य वृद्धि से दोपहिया और छोटे वाहनों का उपयोग करने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की आय पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा तथा वे लोग भी प्रभावित होंगे जो अपनी आजीविका के लिए वाहनों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि इससे अंततः रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे और 'गरीबों की क्रय शक्ति भी प्रभावित होगी।'
मूल्य वृद्धि के व्यापक प्रभाव, जैसे छोटी इकाइयों की लागत वृद्धि का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बाजार एवं निर्यात में ’मंदी’ आ सकती है। विजय ने कहा, ''इसलिए, मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वह तत्काल मूल्य वृद्धि को वापस ले, क्योंकि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों पर असर पड़ेगा।''
तेल की कीमतों में हुई वृद्धि
अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले तथा तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस हमले के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल ढुलाई बाधित हुई है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब मई 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर हैं।
