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स्वाति मालीवाल केस: मारपीट के बाद CM हाउस में बिभव कुमार के साथ ही मौजूद थे केजरीवाल, चार्जशीट में खुलासा

Swati Maliwal Case: दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र में कहा गया है कि स्वाति मालीवाल के साथ सीएम हाउस में मारपीट के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल काफी देर तक आरोपी बिभव कुमार के साथ घटनास्थल पर ही थे। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि घटनास्थल के सीसीटीवी जब्त करने से पहले ही उसके फुटेज मीडियो में लीक कर दिए गए थे।

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स्वाति मालीवाल।

Swati Maliwal Case: दिल्ली पुलिस ने राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में पुलिस ने यह कहा है कि स्वाति मालीवार के साथ कथित अपराध के बाद बिभव कुमार और केजरीवाल काफी समय तक घटनास्थल पर एक साथ मौजूद थे। आरोपपत्र में यह भी कहा गया कि मालीवाल का बयान वर्तमान जांच के लिए प्रासंगिक है, क्योंकि अपराध के बाद के दिनों में इसी घटना के संबंध में पार्टी के दो जिम्मेदार व्यक्ति सार्वजनिक रूप से पूरी तरह से पलटी मार गए थे।

दिल्ली पुलिस के इस आरोपपत्र में करीब 500 पृष्ठों में करीब 50 गवाहों के बयान हैं। इसे 16 जुलाई को एक अदालत में दाखिल किया गया और 30 जुलाई को इसका संज्ञान लिया गया। आरोपपत्र में कहा गया कि जांच से यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी और मुख्यमंत्री केजरीवाल अपराध स्थल पर मौजूद थे। इस तरह, बाद के दिनों में जिम्मेदार लोक सेवकों द्वारा लिए गए विरोधाभासी सार्वजनिक रुख की भी सही परिप्रेक्ष्य में जांच की जानी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता पर किए गए बर्बर हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी।

जब्त करने से पहले ही लीक किए गए थे सीसीटीवी फुटेज

आरोपपत्र में कहा गया है कि कि सीसीटीवी कैमरों के चुनिंदा फुटेज प्रासंगिक रिकॉर्डिंग उपकरणों को जब्त करने से पहले ही मीडिया को लीक कर दिए गए थे और इस कारण यह पता लगाने के लिए जांच आवश्यक हो गई है कि क्या अपराध के पीछे कोई साजिश थी। बता दें, सिविल लाइंस थाने में 16 मई को दर्ज प्राथमिकी के बाद बिभव कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त महिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर की अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच कर रही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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