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Swami Prasad Maurya: स्वामी प्रसाद मौर्या ने छोड़ी समाजवादी पार्टी, 22 फरवरी को नई पार्टी की करेंगे घोषणा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Feb 20, 2024, 02:01 PM IST

Swami Prasad Maurya resigns from Samajwadi Party: स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा है कि अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की विचारधार को आगे नहीं बढ़ाया और न ही वे अपने पिता मुलायम सिंह यादव के रास्ते पर चले, जिस कारण उन्होंंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यस्ता से इस्तीफा दे दिया।

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा से दिया इस्तीफा

Swami Prasad Maurya resigns from Samajwadi Party: स्वामी प्रसाद मौर्या ने समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजा है। उन्होंने कहा है कि 13 फरवरी को प्रेषित पत्र पर किसी भी प्रकार की वार्ता की पहल न करने के फलस्वरूप में समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। बता दें, इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्या ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दिया था।

इसके साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्या ने एमएलसी पद से भी इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा, अखिलेश यादव ने समाजवादी विचारधारा को आगे नहीं बढ़ाया और न ही वह मुलायम सिंह यादव के रास्ते पर आगे बढ़े, जिस कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

22 फरवरी को नई पार्टी बनाएंगे

स्वामी प्रसाद मौर्या ने सपा से इस्तीफा देने के साथ ही नई पार्टी बनाने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि 22 फरवरी को वह नई दिल्ली में अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्या ने इस दौरान कहा कि अखिलेश यादव से उनका वैचारिक मतभेद है, कोई मनभेद नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे मुलायम सिंह यादव के साथ भी काम करने का अनुभव है। वे कट्टर समाजवादी नेता थे, जो लोग उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं अफसोस की बात है कि वे उनकी विचारधारा पर नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने कहा, अखिलेश यादव अभी भटके हुए हैं, अगर सही रास्ते पर आएंगे तो स्वागत करूंगा। उन्होंने कहा, मैं स्वच्छ राजनीति में विश्वास करता हूं।

इंडिया गठबंधन को लेकर कही यह बात

स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन को मजबूत करते रहेंगे, चाहें वह गठबंधन के अंदर रहें या बाहर। उन्होंने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने को लेकर कहा कि तीन से चार दिन मेरे पास कार्यक्रम की व्यस्तता है। हालांकि, जैसे ही वह फ्री होंगे राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो न्याय यात्रा में जरूर शामिल होंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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