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आतंकी संगठन का संदिग्ध सदस्य जावेद मुंशी गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से पुलिस ने दबोचा

West Bengal News: आतंकी संगठन के एक संदिग्ध सदस्य को पश्चिम बंगाल से दबोचा गया है। कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन 'तहरीक-ए-मुजाहिदीन' के संदिग्ध सदस्य जावेद मुंशी को जम्मू-कश्मीर पुलिस और कोलकाता पुलिस ने दक्षिण 24 परगना में एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया और उसे अलीपुर अदालत में पेश किया।

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आतंकी संगठन का संदिग्ध सदस्य बंगाल के दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार।

Suspected Member of Terrorist Organization Arrested: कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी संगठन के एक संदिग्ध सदस्य को रविवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में प्रतिबंधित तहरीक-ए-मुजाहिदीन संगठन के सदस्य होने के संदेह में जावेद मुंशी को जम्मू-कश्मीर पुलिस और बंगाल पुलिस की एक संयुक्त टीम ने कैनिंग अस्पताल के पास से पकड़ा।

विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है जावेद

अधिकारी ने बताया कि जावेद ने दावा किया कि वह निजी कारणों से कैनिंग कस्बे में अपने एक रिश्तेदार के घर गया था। जावेद घाटी में कथित तौर पर विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है और जम्मू-कश्मीर पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। अधिकारी ने बताया कि तहरीक-ए-मुजाहिदीन को पाकिस्तान से नियंत्रित किया जाता है और घाटी, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ उसके संपर्क हैं। बता दें, जावेद मुंशी को जम्मू-कश्मीर पुलिस और कोलकाता पुलिस ने दक्षिण 24 परगना में एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया और अलीपुर अदालत में पेश किया।

अदालत ने 31 दिसंबर तक ट्रांजिट रिमांड की अनुमति दी

सरकारी वकील ने बताया कि "श्रीनगर से पुलिस ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए यहां आई थी। 58 वर्षीय जावेद अहमद मुंशी नामक एक व्यक्ति मुस्लिम लीग को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से काम कर रहा था... उसे कैनिंग पीएस क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, उसके पास से एक किताब, एक सीडी, एक प्लास्टिक बैग और कई दस्तावेज पुलिस ने जब्त किए... अदालत ने 31 दिसंबर तक ट्रांजिट रिमांड की अनुमति दी।"

जावेद के परिजनों ने कहा कि वह श्रीनगर का निवासी है, लेकिन उन्हें उसके किसी आतंकी संगठन से संबंध के बारे में जानकारी नहीं है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून को अपना काम करना चाहिए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को ‘ट्रांजिट रिमांड’ के लिए जल्द ही अलीपुर अदालत में पेश किया जाएगा।

‘चिकन नेक’ को निशाना बनाने की थी साजिश

यह गिरफ्तारी हाल में आतंकवादी संगठन अंसार-अल-इस्लाम बांग्लादेश के आठ संदिग्ध सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद हुई है, जो पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाले ‘चिकन नेक’ को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से दो मुर्शिदाबाद जिले के थे और बंगाल, केरल व असम पुलिस द्वारा पकड़े गए आठ लोगों के समूह का हिस्सा थे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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