Suspected Member of Terrorist Organization Arrested: कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी संगठन के एक संदिग्ध सदस्य को रविवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में प्रतिबंधित तहरीक-ए-मुजाहिदीन संगठन के सदस्य होने के संदेह में जावेद मुंशी को जम्मू-कश्मीर पुलिस और बंगाल पुलिस की एक संयुक्त टीम ने कैनिंग अस्पताल के पास से पकड़ा।
विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है जावेद
अधिकारी ने बताया कि जावेद ने दावा किया कि वह निजी कारणों से कैनिंग कस्बे में अपने एक रिश्तेदार के घर गया था। जावेद घाटी में कथित तौर पर विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है और जम्मू-कश्मीर पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। अधिकारी ने बताया कि तहरीक-ए-मुजाहिदीन को पाकिस्तान से नियंत्रित किया जाता है और घाटी, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ उसके संपर्क हैं। बता दें, जावेद मुंशी को जम्मू-कश्मीर पुलिस और कोलकाता पुलिस ने दक्षिण 24 परगना में एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया और अलीपुर अदालत में पेश किया।
अदालत ने 31 दिसंबर तक ट्रांजिट रिमांड की अनुमति दी
सरकारी वकील ने बताया कि "श्रीनगर से पुलिस ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए यहां आई थी। 58 वर्षीय जावेद अहमद मुंशी नामक एक व्यक्ति मुस्लिम लीग को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से काम कर रहा था... उसे कैनिंग पीएस क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, उसके पास से एक किताब, एक सीडी, एक प्लास्टिक बैग और कई दस्तावेज पुलिस ने जब्त किए... अदालत ने 31 दिसंबर तक ट्रांजिट रिमांड की अनुमति दी।"
जावेद के परिजनों ने कहा कि वह श्रीनगर का निवासी है, लेकिन उन्हें उसके किसी आतंकी संगठन से संबंध के बारे में जानकारी नहीं है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून को अपना काम करना चाहिए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को ‘ट्रांजिट रिमांड’ के लिए जल्द ही अलीपुर अदालत में पेश किया जाएगा।
‘चिकन नेक’ को निशाना बनाने की थी साजिश
यह गिरफ्तारी हाल में आतंकवादी संगठन अंसार-अल-इस्लाम बांग्लादेश के आठ संदिग्ध सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद हुई है, जो पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाले ‘चिकन नेक’ को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से दो मुर्शिदाबाद जिले के थे और बंगाल, केरल व असम पुलिस द्वारा पकड़े गए आठ लोगों के समूह का हिस्सा थे।
