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ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग के वैज्ञानिक सर्वे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानिए पूरा मामला

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 18, 2023, 11:43 AM IST

हाई कोर्ट उस ढांचे की उम्र निर्धारित करने के लिए एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश दिया था, जिसे हिंदू शिवलिंग कहते हैं और मुसलमानों का दावा है कि यह एक फव्वारे का हिस्सा है।

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ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिले शिवलिंग के सर्वे का मामला

Photo : BCCL

Supreme Court: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिले शिवलिंग के वैज्ञानिक सर्वेक्षण संबंधी हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 13 मई को वाराणसी की एक अदालत के उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर पाए गए एक ढांचे की कार्बन डेटिंग की मांग ठुकरा दी गई थी। हाई कोर्ट इस ढांचे की उम्र निर्धारित करने के लिए एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश दिया था, जिसे हिंदू शिवलिंग कहते हैं और मुसलमानों का दावा है कि यह एक फव्वारे का हिस्सा है।

वाराणसी कोर्ट ने कार्बन-डेटिंग की मांग ठुकराई थी

हाई कोर्ट ने वाराणसी के जिला न्यायाधीश को संरचना की वैज्ञानिक जांच करने के लिए कानून के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा ने लक्ष्मी देवी और तीन अन्य द्वारा दायर संशोधन याचिका को स्वीकार की थी। इसमें वाराणसी की अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अक्टूबर 2022 में कार्बन-डेटिंग की मांग को खारिज कर दिया गया था।

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने तर्क दिया कि जिला न्यायाधीश ने बिना किसी आधार के आदेश पारित किया क्योंकि उसे एएसआई से विशेषज्ञ की राय लेनी चाहिए थी कि क्या बिना किसी नुकसान के शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की जा सकती है। इसलिए, आदेश को रद्द किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी और मुख्य स्थायी वकील बिपिन बिहारी पांडेय ने कहा था कि अगर संरचना को कोई नुकसान पहुंचाए बिना कार्बन डेटिंग और संरचना की प्रकृति का निर्धारण किया जा सकता है तो राज्य को कार्बन की प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है।

ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी (एआईएमसी) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने इस आधार पर पुनरीक्षण याचिका का विरोध किया कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई, 2022 को एक आदेश में जिला न्यायाधीश को केवल सुनवाई करने का निर्देश दिया था।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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