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अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 20 अगस्त को सुनवाई, क्या सिसोदिया की तरह मिलेगी रिहाई?

दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी को उचित करार देते हुए पांच अगस्त को इसे बरकरार रखा था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई की कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित नहीं है। इसके बाद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

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अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejrial Bail Plea in SC: कथित दिल्ली शराब घोटाले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की सीबीआई मामले में जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 20 अगस्त को सुनवाई करेगा। केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि 20 अगस्त को केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई कर ली जाए। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सुनवाई का भरोसा दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कथित आबकारी नीति घोटाले से उपजे भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। क्या 20 अगस्त को होने वाली सुनवाई में केजरीवाल को सिसोदिया की ही तरह जमानत पर रिहाई मिल सकती है, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी।

दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी को उचित करार देते हुए पांच अगस्त को इसे बरकरार रखा था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई की कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित नहीं है और उसने साबित किया है कि आप सुप्रीमो कैसे उन गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, जो उनकी गिरफ्तारी के बाद ही गवाही देने की हिम्मत जुटा सके। मामले से जुड़े एक वकील ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

केजरीवाल 21 मार्च को हुए थे गिरफ्तार

हाई कोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखते हुए उन्हें नियमित जमानत के लिए पहले निचली अदालत का रुख करने को कहा था। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। सुनवाई अदालत ने इस मामले में उन्हें 20 जून को जमानत दे दी थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने सुनवाई अदालत के फैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद, 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को धन शोधन मामले में अंतरिम जमानत दे दी।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अगस्त 2022 में आबकारी नीति के निर्माण एवं कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था। सीबीआई और ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति में संशोधन में अनियमितताएं बरती गईं और लाइसेंस धारियों को अवैध लाभ पहुंचाया गया।

भ्रष्टाचार के एक मामले में केजरीवाल की बढ़ी मुश्किल

वहीं, दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) विधायक दुर्गेश पाठक पर मुकदमा चलाने के खातिर सीबीआई को आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए सोमवार को 15 दिन का समय दिया। सीबीआई मामलों की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा को जांच एजेंसी ने बताया कि उन्हें संबंधित अधिकारियों से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है, जिसके बाद न्यायाधीश ने केंद्रीय एजेंसी को आवश्यक मंजूरी हासिल करने के लिए 27 अगस्त तक का समय दिया।

इससे पहले सीबीआई ने इस मामले में उनकी जांच की मंजूरी हासिल कर ली थी। आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य पाठक को केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता है। न्यायाधीश ने आठ अगस्त को मामले में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 20 अगस्त तक बढ़ा दी थी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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