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OTT, सोशल मीडिया के अश्लील कंटेंट पर रोक वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, जानें SC ने क्या कहा

Social Media Platform: अश्लील कंटेंट पर रोक को लेकर दायर एक नई याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि अगर इस याचिका में कुछ अतिरिक्त तथ्य हैं तो इसी मुद्दे पर दाखिल पुरानी याचिका में इस मांग को रखें।

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सोशल मीडिया-ओटीटी के अश्लील कंटेंट पर रोक की मांग वाली नई याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Supreme Court: ओटीटी और सोशल मीडिया के अश्लील कंटेंट पर रोक को लेकर दायर एक नई याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि अगर इस याचिका में कुछ अतिरिक्त तथ्य हैं तो इसी मुद्दे पर दाखिल पुरानी याचिका में इस मांग को रखें। इसी मामले पर दाखिल एक याचिका पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार से जवाब मांग चुका है। नई याचिका में मांग की गई है कि अदालत नेशनल कंटेंट कंट्रोल अथॉरिटी का गठन करे जो इन प्लेटफॉर्म पर अश्लीलता को रोकने के लिए दिशानिर्देश तय करे।

गत 28 अप्रैल को ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अश्लील कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। कोर्ट ने जिन प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है, उनमें नेटफ्लिक्स, अमेजन, उल्लू डिजिटल लिमिटेड, ऑल्ट बालाजी, ट्विटर, मेटा प्लेटफॉर्म और गूगल शामिल हैं। पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर समेत अन्य ने दायर याचिका में मांग की थी कि कोर्ट केंद्र सरकार को नेशनल कंटेंट कंट्रोल अथॉरिटी का गठन करने का निर्देश दे, जो इन प्लेटफॉर्म पर अश्लीलता को रोकने के लिए दिशानिर्देश तय करे।

यह मामला कार्यपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि यह एक गंभीर चिंता पैदा करती है। केंद्र को इस बारे में कुछ करना चाहिए। यह मामला कार्यपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे भी हम पर आरोप हैं कि हम कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में दखल देते हैं। फिर भी हम नोटिस जारी कर रहे हैं। याचिका में दावा किया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे पेज और प्रोफाइल सक्रिय हैं जो बिना किसी नियंत्रण के अश्लील कंटेंट प्रसारित कर रहे हैं। इसके अलावा, कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी ऐसे कंटेंट हैं, जिसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी के तत्त्व भी पाए जाते हैं। याचिका में कहा गया कि इससे विकृत और अप्राकृतिक यौन प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे अपराध दर में भी बढ़ोतरी हो रही है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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