SC on Asaram Bapu: यौनशोषण मामले में 11 साल से जेल में बंद आशाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है। आसाराम ने खराब सेहत का हवाला देकर जमानत की मांग की थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से मिली उम्रकैद की सज़ा को चुनौती देने वाली आसाराम की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट को तेजी से सुनवाई करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि आसाराम आयुर्वेदिक इलाज की मांग के लिए हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
बता दें, आशाराम बापू के वकील ने कोर्ट ने अनुरोध किया था कि उन्हें महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत के दौरान आयुर्वेदिक इलाज के लेने की अनुमति दी जाए। हालांकि, कोर्ट ने इसे भी खारिज करते हुए कहा कि इस याचिका के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर करें।
आसाराम बापू की पहले ही भी खारिज हुई थी याचिका
इससे पहले आशाराम बापू ने सितंबर, 2023 में सुप्रीम कोर्ट में जमानत ले लिए याचिका दायर की थी, तब भी कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया था। इसके साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट ने भी 2022 में आशाराम बापू की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। रिहाई की मांग करते हुए आशाराम के वकील ने अपील की थी कि उनका मुवक्किल पिछले नौ साल से जेल में है और वह 80 वर्ष के हैं। वह कई बीमारियों से पीड़ित भी हैं, इस ग्राउंड पर उन्हें जमानत दे दी जाए।
रेप केस में आसाराम बापू को हुई थी सजा
बता दें, अप्रैल, 2018 में राजस्थान के जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग से रोप का दोषी पाया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही उनके दो सहयोगियों को भी 20 साल की सजा सुनाई गई थी।
