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आवारा कुत्तों और पशुओं पर SC का सख्त आदेश, जानें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की 20 बड़ी बातें

Stray Dogs News: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

SUPREME COURT

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो:canva)

Stray Dogs News: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, स्टेडियमों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों को तुरंत कुत्तों से मुक्त किया जाए।

न्यायालय ने इस मुद्दे को बच्चों और आम नागरिकों के जीवन के अधिकार से जोड़ा और कहा कि प्रशासन की कोई भी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की 20 बड़ी बातें-

1.देशभर में सभी संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश। स्कूल, अस्पताल, खेल परिसर, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन जैसे स्थान अब कुत्तों से पूरी तरह मुक्त किए जाएंगे।

2.राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 8 हफ्तों में रिपोर्ट देनी होगी। हर राज्य को बताना होगा कि उसने इन आदेशों पर क्या कदम उठाए।

3.पकड़े गए कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद सुरक्षित शेल्टर या गौशाला में रखा जाएगा।

4.संस्थानों को घेराबंदी करने का निर्देश। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और स्टेशन परिसर को दीवारों और गेट से सुरक्षित किया जाए ताकि कुत्ते अंदर न जा सकें।

5.हर संस्थान में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वही अधिकारी परिसर की सफाई, निगरानी और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा।

6.नोडल अधिकारी का नाम और नंबर मुख्य द्वार पर प्रदर्शित होगा, ताकि कोई भी व्यक्ति शिकायत या सूचना दे सके।

7.सभी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोब्युलिन की अनिवार्य उपलब्धता। किसी भी मरीज को कुत्ते के काटने पर तत्काल उपचार मिल सके।

8.शिक्षा मंत्रालय को स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने का आदेश। बच्चों को पशु व्यवहार, बचाव और फर्स्ट एड के बारे में बताया जाए।

9.नगर निगम और पंचायतों को हर तीन महीने निरीक्षण करने का निर्देश। यह सुनिश्चित करने के लिए कि संस्थानों के अंदर या आसपास कोई कुत्ता न रहे।

10.लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आदेश न मानने वाले अधिकारियों पर अवमानना कार्यवाही की जाएगी।

11.राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि, हाईवे से गाय-बैल हटेंगे। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्यों को पशुओं को हटाने और शेल्टर में भेजने को कहा गया।

12.सभी हाइवे पर निगरानी और गश्ती टीम 24 घंटे तैनात होंगी। सड़क पर किसी भी पशु की मौजूदगी की तुरंत सूचना दी जा सकेगी।

13.हर हाइवे पर हेल्पलाइन नंबर लगाना अनिवार्य जिससे लोग तुरंत शिकायत कर सकें और बचाव टीम पहुंचे।

14.सभी केंद्रीय संस्थानों में भी लागू होंगे ये आदेश। केंद्र सरकार के स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और खेल परिसरों को भी सुरक्षित किया जाएगा।

15.एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को SOP बनाने का निर्देश। चार हफ्तों में एक समान मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी ताकि देशभर में एक ही नीति लागू हो।

16.स्वास्थ्य मंत्रालय को निगरानी रिपोर्ट तैयार करने का आदेश। अस्पतालों में वैक्सीन उपलब्धता और काटने के मामलों पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

17.सुप्रीम कोर्ट ने विदेशी नागरिकों पर हुए हमलों का भी संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि यह देश की छवि पर भी असर डालता है और इसे रोकना जरूरी है।

18.कोर्ट ने कहा बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।अदालत ने स्कूल परिसरों में कुत्तों के हमलों को मानव जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया।

19.राज्य सरकारें जिला स्तर पर समन्वय तंत्र बनाएं। जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगम और संस्थान संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।

20.अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को तय। उस दिन सभी राज्यों, केंद्र सरकार और एनिमल वेलफेयर बोर्ड की रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी।

अदालत ने कहा: यह प्रशासनिक नहीं, मानव जीवन का सवाल

जस्टिस मेहता ने आदेश सुनाते हुए कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन और सुरक्षा का प्रश्न है। राज्य का दायित्व है कि बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिले। कोर्ट ने साफ चेतावनी दी कि अगर इन आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो दोषी अफसरों पर कड़ी सज़ा और अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

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गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तव Author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

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