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महाभियोग से नहीं बच सकते कैश कांड में फंसे जस्टिस वर्मा! सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने लोकसभा स्पीकर के उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार करने और जजेस (इन्क्वायरी) एक्ट, 1968 के तहत एक जांच समिति बनाने के फैसले को चुनौती दी थी।

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यशवंत वर्मा की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट में कैश कांड में फंसे जस्टिस वर्मा को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा की याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस वर्मा ने अपने खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था, जहां सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिक खारिज कर दी।

जस्टिस वर्मा कैश कांड एक नजर

14 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने की घटना सामने आई। आग बुझाने के बाद जब दमकलकर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया तो स्टोर रूम से बड़ी मात्रा में आंशिक रूप से जले हुए नोट बरामद किए गए। इस घटना के तुरंत बाद मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता में हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों की समिति बनाई गई, जिसने 42 दिनों तक विस्तृत जांच और निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट 4 मई 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को सौंप दी। इसके बाद जांच समिति की रिपोर्ट के साथ जस्टिस वर्मा का जवाब भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा गया। जांच समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की है। अब लोकसभा में महाभियोग की कार्रवाई शुरू हो गई है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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