सुप्रीम कोर्ट में कैश कांड में फंसे जस्टिस वर्मा को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा की याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस वर्मा ने अपने खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था, जहां सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिक खारिज कर दी।
जस्टिस वर्मा कैश कांड एक नजर
14 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने की घटना सामने आई। आग बुझाने के बाद जब दमकलकर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया तो स्टोर रूम से बड़ी मात्रा में आंशिक रूप से जले हुए नोट बरामद किए गए। इस घटना के तुरंत बाद मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता में हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों की समिति बनाई गई, जिसने 42 दिनों तक विस्तृत जांच और निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट 4 मई 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को सौंप दी। इसके बाद जांच समिति की रिपोर्ट के साथ जस्टिस वर्मा का जवाब भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा गया। जांच समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की है। अब लोकसभा में महाभियोग की कार्रवाई शुरू हो गई है।
